बेंगलुरु स्थित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म Sahi नई पूंजी जुटाने की तैयारी में है। कंपनी **$5 करोड़** (करीब **$50 मिलियन**) की फंडिंग के लिए बातचीत कर रही है, जिससे इसकी वैल्यूएशन बढ़कर **$50 करोड़** (**$500 मिलियन**) तक पहुंच सकती है।
भारी उछाल की तैयारी
पूर्व Swiggy एग्जीक्यूटिव Dale Vaz द्वारा स्थापित Sahi ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ने अपनी ग्रोथ स्ट्रैटेजी को गति देने के लिए फंडरेजिंग शुरू कर दी है। कंपनी इस दौर में $4 करोड़ से $5 करोड़ के बीच निवेश जुटाना चाहती है। गौरतलब है कि अप्रैल 2026 में कंपनी की वैल्यूएशन $20 करोड़ थी, जो अब बढ़कर $50 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इस प्रक्रिया को मैनेज करने के लिए कंपनी ने एक इन्वेस्टमेंट बैंक को भी हायर किया है।
एक्टिव ट्रेडर्स पर है दांव
कंपनी का पूरा फोकस हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडर्स (HFT) को आकर्षित करने पर है। Sahi फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेड के लिए मात्र ₹10 का फ्लैट चार्ज ले रही है, जो कई बड़े खिलाड़ियों से काफी कम है। कंपनी का मानना है कि उनका 50% यूजर बेस ही कुल ट्रांजैक्शन वॉल्यूम का 80% हिस्सा जनरेट करता है, इसलिए उन्हें अपने प्लेटफॉर्म पर टिकाए रखना बड़ी प्राथमिकता है।
तकनीक के मोर्चे पर, कंपनी अपना प्रोपराइटरी चार्टिंग इंजन और AI-आधारित असिस्टेंट 'Kyro' पेश कर रही है, जिससे ट्रेडर्स को एक ही विंडो में ऑर्डर एग्जीक्यूट करने और डेटा एनालाइज करने की सुविधा मिलती है।
कड़ी चुनौती और राह
सितंबर 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर Sahi की मार्केट हिस्सेदारी 0.61% है और यह इंडस्ट्री में 17वें स्थान पर है। ब्रोकरेज मार्केट में Zerodha और Groww जैसे दिग्गजों का कब्जा है, जिनके पास विशाल यूजर बेस और भारी-भरकम पूंजी है। Sahi के लिए चुनौती सिर्फ नए क्लाइंट्स जोड़ना नहीं, बल्कि बढ़ते कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट (CAC) के बीच अपनी प्रॉफिटेबिलिटी को बरकरार रखते हुए मार्केट शेयर बढ़ाना है। निवेशकों की नजर अब इस पर होगी कि कंपनी नई फंडिंग का कितना हिस्सा मार्केटिंग और कितना टेक्नोलॉजी इनोवेशन में खर्च करती है।
