Sahajanand Medical Technologies का IPO 15 से 19 अक्टूबर, 2026 तक निवेश के लिए खुला रहेगा। कंपनी ने इसके लिए ₹327 से ₹344 का प्राइस बैंड तय किया है। ब्रोकरेज फर्म आनंद राठी ने इसे लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब रेटिंग दी है, लेकिन निवेशकों को रेगुलेटरी रिस्क पर भी ध्यान देना होगा।
Sahajanand Medical Technologies अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 15 अक्टूबर, 2026 को लॉन्च करने जा रही है, जो 19 अक्टूबर, 2026 तक खुला रहेगा। कंपनी ने प्रति शेयर प्राइस बैंड ₹327 से ₹344 के बीच तय किया है। यह IPO पूरी तरह से 100% ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जिसका मतलब है कि जुटाई गई पूरी रकम मौजूदा शेयरधारकों के पास जाएगी और कंपनी के ऑपरेशंस में कोई नया पैसा नहीं आएगा।
ब्रोकरेज की राय और बिजनेस मॉडल
ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने लंबी अवधि के निवेशकों को इस IPO में 'सब्सक्राइब' करने की सलाह दी है। कंपनी कार्डियोवैस्कुलर डिवाइस सेक्टर में एक मजबूत नाम है और ड्रग-एल्यूटिंग स्टेंट (Drug-eluting stents) व TAVI सिस्टम जैसे जटिल प्रोडक्ट्स में विशेषज्ञता रखती है। कंपनी की पहुंच 77 देशों में है। ऊपरी प्राइस बैंड पर, यह IPO अपने FY26 के अनुमानित मुनाफे के आधार पर लगभग 50.6x के P/E रेशियो पर वैल्यूएशन मांग रहा है।
फाइनेंशियल हेल्थ
वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू ₹1,210.50 करोड़ रहा, जिसमें सालाना 18.11% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹69.08 करोड़ रहा। हालांकि, मेडिकल डिवाइस सेक्टर में सरकारी प्राइस कैप के कारण मार्जिन पर दबाव का जोखिम हमेशा बना रहता है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
निवेशकों को 'प्रोडक्ट कंसंट्रेशन' रिस्क पर गौर करना चाहिए, क्योंकि कंपनी का मुख्य स्टेंट 'Supraflex Cruz' उसके कुल रेवेन्यू का लगभग 37.17% हिस्सा है। इसके अलावा, दिसंबर 2027 तक Pipit, Hydra और Cocoon जैसे प्रोडक्ट्स के EU सर्टिफिकेशन रिन्यूअल की चुनौती भी है। चूंकि कंपनी 77% से ज्यादा कच्चा माल आयात करती है, इसलिए करेंसी में उतार-चढ़ाव भी उसकी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी को प्रभावित कर सकता है। इस शेयर की लिस्टिंग 23 अक्टूबर, 2026 को BSE और NSE पर होने की संभावना है।
