SRF ने सितंबर तिमाही में दमदार प्रदर्शन करते हुए ऑपरेटिंग प्रॉफिट में **30%** की बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी के टेक्निकल टेक्सटाइल और फिल्म्स सेगमेंट में शानदार तेजी देखी गई, हालांकि कच्चे माल और लॉजिस्टिक खर्चों के कारण प्रॉफिट मार्जिन में **60 बेसिस पॉइंट** की गिरावट आई है।
मुनाफे की रफ्तार और सेगमेंट का प्रदर्शन
SRF Ltd. के नतीजों पर नजर डालें तो कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBIT) साल-दर-साल आधार पर 30% बढ़ा है। इस ग्रोथ को मुख्य रूप से नॉन-केमिकल सेगमेंट से सपोर्ट मिला है। कंपनी का टेक्निकल टेक्सटाइल रेवेन्यू 73% और परफॉर्मेंस फिल्म्स एंड फॉयल्स का रेवेन्यू 71% बढ़ा है। वहीं, कंपनी के मुख्य बिजनेस 'केमिकल्स डिवीजन' ने भी 10% की ग्रोथ दिखाई है।
मार्जिन पर 'आउटपुट कॉस्ट' का असर
ऑपरेशनल लेवल पर कंपनी ने अच्छा काम किया है, लेकिन लाभप्रदता यानी मार्जिन पर दबाव साफ दिखा है। मार्जिन 60 बेसिस पॉइंट सिकुड़ गए हैं। मैनेजमेंट के अनुसार, इसकी सबसे बड़ी वजह कच्चे माल की महंगाई और बढ़ता हुआ फ्रेट व लॉजिस्टिक कॉस्ट है। खासकर केमिकल्स बिजनेस में ग्लोबल सप्लाई चेन फैक्टर्स की वजह से मार्जिन प्रभावित हुए हैं।
इसे काबू में करने के लिए कंपनी 'कॉस्ट-एफिशिएंसी' और ग्राहकों पर लागत का बोझ ट्रांसफर (Price pass-through) करने जैसे कदम उठा रही है। निवेशकों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी अपनी प्राइसिंग पावर के दम पर मार्जिन को कैसे मैनेज करती है।
लॉन्ग-टर्म ग्रोथ रणनीति
कंपनी ने भविष्य को लेकर बड़ा प्लान बनाया है। SRF 2027 तक के लिए ग्रोथ ड्राइवर्स तैयार कर रही है, जिसमें फ्लोरपॉलिमर (fluoropolymers) के प्रोडक्शन को बढ़ाना और रेफ्रिजरेंट गैसों की बिक्री पर फोकस करना शामिल है। हालांकि, ग्लोबल डिमांड में उतार-चढ़ाव और केमिकल इंडस्ट्री की प्राइसिंग साइकल कंपनी के लिए आगे भी रिस्क बनी रहेगी। आने वाली तिमाहियों में यह देखना अहम होगा कि कंपनी अपनी कैपेसिटी एक्सपेंशन के साथ मार्जिन को कैसे स्थिर रख पाती है।
