जून तिमाही में स्मॉल और मिड-कैप (SMID) कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ 16 तिमाहियों के हाई पर पहुंच गई है। हालांकि, Elara Securities के एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ ग्रोथ पर ध्यान न दें, बल्कि टिकाऊ प्रॉफिट वाली कंपनियों पर फोकस करें।
SMID कंपनियों का जलवा: 16 तिमाहियों में सबसे तेज रेवेन्यू ग्रोथ!
जून तिमाही के नतीजे आ गए हैं और स्मॉल व मिड-कैप (SMID) सेगमेंट की कंपनियों ने कमाल कर दिखाया है। इन कंपनियों का रेवेन्यू ग्रोथ पिछले 16 तिमाहियों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। यह दिखाता है कि छोटी कंपनियां अब काफी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं और अपने बिजनेस को बढ़ा रही हैं।
ग्रोथ से आगे बढ़कर प्रॉफिट पर फोकस: Elara Securities की सलाह
Elara Securities के MD और CEO, Harendra Kumar का कहना है कि इस शानदार ग्रोथ को देखकर आँख बंद करके कहीं भी निवेश न करें। अब समय आ गया है कि हम उन कंपनियों पर ध्यान दें जो सिर्फ रेवेन्यू नहीं, बल्कि असली कैश कमा सकें। पहले निवेशक सिर्फ तेजी से बढ़ती कंपनियों में पैसा लगा देते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है।
एनालिस्ट्स अब उन कंपनियों को तरजीह दे रहे हैं जिनका यूनिट इकोनॉमिक्स (Unit Economics) मजबूत हो, यानी वे हर प्रोडक्ट या सर्विस को बेचकर कितना मुनाफा कमा रहे हैं। खासकर नई टेक्नोलॉजी वाली कंपनियां दबाव में हैं कि वे तेजी से फैलने के साथ-साथ घाटे में न जाएं और फ्री कैश फ्लो (Free Cash Flow) जेनरेट कर सकें। लागत प्रबंधन (Cost Management) और प्लेटफॉर्म की ग्रोथ को असली मुनाफे में बदलना अब इन कंपनियों के मूल्यांकन का अहम हिस्सा है।
सेक्टर की चाल और वैल्यूएशन का रिस्क
कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी (Consumer Discretionary) यानी ऐसी चीजें जिन पर लोग अपनी अतिरिक्त आय से खर्च करते हैं, उन सेक्टर्स में निवेशकों को मौके दिख रहे हैं। इन कंपनियों की सेल्स बढ़ रही है और लोग महंगी व हाई-वैल्यू वाली चीजें खरीद रहे हैं। सरकारी नीतियों, जैसे टैक्स में बदलाव या 8वें पे कमीशन (8th Pay Commission) की घोषणा, से इस डिमांड को और बढ़ावा मिल सकता है।
लेकिन, कुछ सेक्टर्स में सावधानी बरतने की जरूरत है। कैपिटल गुड्स (Capital Goods) सेक्टर, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर और मशीनरी बनाने वाली कंपनियां आती हैं, के शेयर पहले ही काफी महंगे हो चुके हैं। एनालिस्ट्स का मानना है कि इन शेयरों में अब ऊपर जाने की गुंजाइश कम बची है। इसी तरह, आईटी (IT) सेक्टर को फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली छमाही में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। ग्लोबल टेक खर्च में नरमी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) का असर अनिश्चितता पैदा कर रहा है। इन कंपनियों के लिए रेवेन्यू ग्रोथ इस बात पर निर्भर करेगी कि वे बड़े डील्स को मुनाफे में बदल पाती हैं या नहीं।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
हालांकि 16-तिमाही की रेवेन्यू ग्रोथ अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है, लेकिन निवेशकों को जोखिमों के प्रति सचेत रहना चाहिए। कुछ स्मॉल और मिड-कैप शेयरों का वैल्यूएशन बहुत ज्यादा है, जिससे जरा सी भी निराशा पर कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक तनाव और ब्याज दरों में बदलाव जैसे मैक्रोइकॉनॉमिक फैक्टर भी मुनाफे पर दबाव डाल सकते हैं। ऐसे में, निवेशकों के लिए यह जरूरी है कि वे सिर्फ रेवेन्यू ग्रोथ पर नहीं, बल्कि उन कंपनियों पर ध्यान दें जो लगातार मांग और मुनाफा बनाए रख सकें।
