ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने SBI Life Insurance के लिए **₹2,200** का टारगेट प्राइस तय किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी वॉल्यूम के बजाय प्रॉफिटेबिलिटी पर ज्यादा जोर दे रही है, जबकि हालिया तिमाही में नए बिजनेस प्रीमियम में **8%** की धीमी ग्रोथ देखी गई है।
मुनाफे पर कंपनी का दांव
Prabhudas Lilladher की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, SBI Life Insurance का मुख्य ध्यान वॉल्यूम बढ़ाने के बजाय अपनी पॉलिसी की प्रॉफिटेबिलिटी सुधारने पर है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने ₹6,390 करोड़ का एनुअल प्रीमियम इक्विवेलेंट (APE) दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 8% की ग्रोथ दिखाता है। हालांकि, यह ग्रोथ कंपनी की 14% से 15% की सालाना गाइडेंस के मुकाबले थोड़ी धीमी रही है, लेकिन मैनेजमेंट साल के अंत तक अपने लक्ष्यों को हासिल करने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है।
VNB मार्जिन में सुधार
रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण पहलू 29.1% का वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (VNB) मार्जिन है। कंपनी ने अपने प्रोडक्ट मिक्स को इस तरह बदला है कि अब ज्यादा मार्जिन वाली पॉलिसीज पर फोकस बढ़ा है। ब्रोकरेज का मानना है कि जीएसटी (GST) से जुड़े बदलावों के बावजूद, कंपनी फाइनेंशियल ईयर 2027 में 20 बेसिस पॉइंट्स और फाइनेंशियल ईयर 2028 में 10 बेसिस पॉइंट्स तक अपने मार्जिन में सुधार कर सकती है।
वैल्युएशन और सेक्टर का मुकाबला
ब्रोकरेज ने स्टॉक की वैल्यू निकालने के लिए प्राइस-टू-एम्बेडेड वैल्यू (P/EV) मेथड का इस्तेमाल किया है। वर्तमान बाजार स्थितियों को देखते हुए इसे 1.7 गुना पर आंका गया है, जो पहले के 2.0 गुना के टारगेट से थोड़ा कंजर्वेटिव है।
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि भारतीय बीमा बाजार में HDFC Life और ICICI Prudential Insurance जैसे निजी खिलाड़ियों से कड़ी टक्कर मिल रही है। इसके अलावा, IRDAI के सख्त रेगुलेटरी नियम, जैसे कमीशन पर कैप या सरेंडर वैल्यू के नए नियम, कंपनी के भविष्य के मार्जिन और मुनाफे पर असर डाल सकते हैं।
