State Bank of India (SBI) के फ्यूचर्स में भारी दबाव देखने को मिल रहा है। प्रमुख सपोर्ट लेवल टूटने के बाद शेयर **₹1,005** के पास कारोबार कर रहा है। तकनीकी कमजोरी के अलावा, **11 सितंबर** को प्रस्तावित बैंक हड़ताल भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है। अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या शेयर **₹1,000** का मनोवैज्ञानिक स्तर बचा पाएगा।
तकनीकी मोर्चे पर कमजोरी
SBI के चार्ट्स पर फिलहाल मंदी के संकेत हावी हैं। स्टॉक के लिए ₹1,030 का लेवल एक बड़ी बाधा (Resistance) बन गया है, जिसे पार करने में शेयर नाकाम रहा है। महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन ₹1,015 के नीचे फिसलने के बाद अब शेयर के लिए ₹1,000 का लेवल एक अंतिम उम्मीद की तरह है। यदि शेयर इस स्तर को नहीं बचा पाता है, तो तकनीकी विश्लेषण के अनुसार इसमें ₹950 से ₹960 के निचले स्तर देखने को मिल सकते हैं। मूविंग एवरेज के रुझान भी फिलहाल किसी बड़े उछाल के संकेत नहीं दे रहे हैं।
बैंक हड़ताल और ऑपरेशनल चुनौतियां
तकनीकी चार्ट्स के अलावा, बैंक के सामने ऑपरेशनल चुनौतियां भी खड़ी हैं। बैंक यूनियनों ने 11 सितंबर, 2026 को हड़ताल का ऐलान किया है, जिससे देशभर में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। मार्केट पार्टिसिपेंट्स के लिए यह अनिश्चितता का बड़ा कारण है। इसके साथ ही, बैंकिंग सेक्टर के मार्जिन (NIMs) और ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस पर भी निवेशकों की कड़ी नजर है।
आने वाले कुछ सत्रों में यह देखना अहम होगा कि क्या SBI का शेयर ₹1,000 के सपोर्ट को होल्ड कर पाता है या बिकवाली और तेज होती है।
