SBI Funds Management का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) **4%** बढ़कर **₹13.1 लाख करोड़** पहुंच गया है, लेकिन टेक्नोलॉजी और टैलेंट पर हुए भारी खर्च के कारण कंपनी के EBITDA में **1%** की कमी आई है। इस खबर के बाद Emkay Global ने फाइनेंशियल अनुमानों में कटौती की है।
मुनाफे पर क्यों है दबाव?
SBI AMC के लिए हालिया तिमाही मिश्रित रही है। जहाँ कंपनी का एवरेज एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 4% बढ़कर ₹13.1 लाख करोड़ हो गया है, वहीं परिचालन खर्चों (Operational Costs) में हुई बढ़ोतरी ने मार्जिन को चोट पहुंचाई है। कंपनी का कर्मचारी-संबंधी खर्च 25% और अन्य परिचालन खर्च 18% बढ़े हैं। मैनेजमेंट के अनुसार, यह खर्च क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नए टैलेंट को हायर करने के लिए किया गया है।
ब्रोकरेज की चिंता (Emkay Global View)
इस परफॉर्मेंस के बाद Emkay Global ने अपनी रिपोर्ट में फाइनेंशियल ईयर 2027 से 2029 के लिए रेवेन्यू अनुमानों को 2% से 5% और EBITDA अनुमानों को 3% से 6% तक घटा दिया है। साथ ही, ब्रोकरेज ने स्टॉक का टारगेट प्राइस संशोधित कर ₹600 कर दिया है।
आगे की राह क्या है?
कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ₹7 अरब रहा, जिसे निवेश से हुई अतिरिक्त आय का सहारा मिला। हालांकि, कंपनी की नजर अब लंबी अवधि के निवेश और अल्टरनेट एसेट क्लास पर है। आने वाले समय में निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या कंपनी 15% मार्केट शेयर बनाए रखने के साथ-साथ अपने मार्जिन को वापस पटरी पर ला पाती है। SIP और हाइब्रिड फंड्स की ओर बढ़ता निवेशकों का रुझान कंपनी के लिए अभी भी सकारात्मक संकेत है।
