ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस Jefferies ने SBI Funds Management पर कवरेज शुरू करते हुए इसे 'Buy' रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि State Bank of India का विशाल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क इस कंपनी के लिए गेम-चेंजर साबित होगा और आने वाले समय में इसके शेयर की चाल को मजबूती देगा।
डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बना बड़ी ताकत
जेफरीज की पॉजिटिव राय के पीछे सबसे बड़ा कारण कंपनी का 'डिस्ट्रीब्यूशन मूट' (Distribution Moat) है। State Bank of India के साथ जुड़ी होने के कारण, यह कंपनी देश के छोटे शहरों (Tier-2 और Tier-3 सिटीज) तक आसानी से पहुंच बना लेती है। इस सुविधा की बदौलत कंपनी को मार्केटिंग और नए ब्रांच खोलने पर भारी खर्च नहीं करना पड़ता। जेफरीज को उम्मीद है कि कंपनी अपने ऑपरेटिंग प्रॉफिट को फाइनेंशियल ईयर 2029 तक 15% की सालाना दर से बढ़ा सकती है।
एसेट मैनेजमेंट में दिखेगी ग्रोथ
ब्रोकरेज की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी सालाना 18% की दर से बढ़ने का अनुमान है। भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी होने के नाते, यह विविध इन्वेस्टमेंट स्कीम्स के जरिए अलग-अलग तरह के निवेशकों को आकर्षित कर रही है।
निवेश के जोखिम (Key Risks)
हालांकि ग्रोथ की संभावनाएं मजबूत हैं, लेकिन निवेशकों को कुछ पहलुओं पर नजर रखनी चाहिए। कंपनी की पूरी ग्रोथ काफी हद तक State Bank of India के साथ उसकी पार्टनरशिप पर निर्भर है। यदि बैंक की डिस्ट्रीब्यूशन रणनीति में कोई बदलाव आता है, तो इसका सीधा असर कंपनी के नए एसेट जुटाने की क्षमता पर पड़ सकता है। साथ ही, म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और फंड्स के परफॉर्मेंस का दबाव भी बना हुआ है।
जुलाई 2026 में लिस्टिंग के बाद से ही शेयर में उतार-चढ़ाव देखे जा रहे हैं। चूंकि स्टॉक अभी थोड़े प्रीमियम वैल्युएशन पर ट्रेड कर रहा है, इसलिए निवेशकों को कंपनी की तिमाही नतीजों और मार्जिन पर कड़ी नजर रखनी होगी ताकि यह तय किया जा सके कि कंपनी अपने ग्रोथ वादों पर खरी उतर रही है या नहीं।
