SBI Funds Management IPO: दूसरे दिन 70% सब्सक्राइब, ग्रे मार्केट में 15% लिस्टिंग गेन का अनुमान!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
SBI Funds Management IPO: दूसरे दिन 70% सब्सक्राइब, ग्रे मार्केट में 15% लिस्टिंग गेन का अनुमान!

SBI Funds Management के IPO में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। दूसरे दिन दोपहर तक, इस इश्यू को **70%** तक सब्सक्राइब कर लिया गया है। **₹545-574** के प्राइस बैंड पर दांव लगाने वाले निवेशकों की नज़रें अब **17 जुलाई** की अलॉटमेंट डेट पर टिकी हैं। ग्रे मार्केट में **15%** के लिस्टिंग गेन का अनुमान है, जो एसेट मैनेजमेंट सेक्टर में मौजूदा रुचि को दर्शाता है।

IPO में कैसी है डिमांड?

भारतीय एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री के एक बड़े प्लेयर, SBI Funds Management, के ₹9,813 करोड़ के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को लगातार डिमांड मिल रही है। बोली के दूसरे दिन के मध्य तक, कुल इश्यू 70% तक सब्सक्राइब हो चुका था।

सब्सक्रिप्शन का हाल

सब्सक्रिप्शन के आंकड़े विभिन्न इन्वेस्टर सेगमेंट में अलग-अलग रुचि दिखा रहे हैं। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs), जिनमें हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स और कॉर्पोरेट बॉडीज़ शामिल हैं, ने 1.4 गुना की बोली लगाकर सबसे आगे हैं। वहीं, रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स 62% सब्सक्रिप्शन लेवल तक पहुंच गए हैं। एम्प्लॉईज़ और पैरेंट कंपनी के मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए आरक्षित हिस्से पूरी तरह से सब्सक्राइब हो चुके हैं, जो कंपनी के बिजनेस मॉडल पर अंदरूनी विश्वास को दर्शाता है।

ऑफर स्ट्रक्चर और वैल्यूएशन

यह IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में स्ट्रक्चर्ड है, जिसका मतलब है कि कंपनी को इश्यू से कोई नया फंड नहीं मिलेगा। इसमें प्रमोटर्स, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और Amundi India Holding द्वारा 20.37 करोड़ इक्विटी शेयर्स की बिक्री शामिल है। चूंकि यह एक ऑफर फॉर सेल है, इसलिए जुटाई गई पूंजी सीधे बेचने वाले शेयरधारकों के पास जाती है, न कि कंपनी के बैलेंस शीट में भविष्य के विकास या विस्तार के लिए।

वैल्यूएशन की बात करें तो, कंपनी ने ₹545 से ₹574 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इस बैंड के ऊपरी छोर पर, कंपनी का वैल्यूएशन 38x के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो पर है। इस वैल्यूएशन की तुलना अक्सर मार्केट एनालिस्ट्स अन्य लिस्टेड एसेट मैनेजमेंट कंपनियों से करते हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स के मुकाबले प्राइसिंग आकर्षक है या नहीं। निवेशकों को यह ध्यान देना चाहिए कि एसेट मैनेजमेंट कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी AUM (Assets Under Management) की ग्रोथ और ओवरऑल मार्केट कंडीशंस से गहराई से जुड़ी हुई है, जो मैनेजमेंट फीस से होने वाली इनकम को प्रभावित कर सकती है।

ग्रे मार्केट का नब्ज

ग्रे मार्केट में अनऑफिशियल ट्रेडिंग में वर्तमान में ₹88 प्रति शेयर का प्रीमियम चल रहा है, जो ऊपरी प्राइस बैंड से लगभग 15% के संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। जबकि ग्रे मार्केट प्रीमियम तत्काल भावना की झलक दे सकते हैं, वे इस बात का गारंटीड इंडिकेटर नहीं हैं कि स्टॉक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर आधिकारिक तौर पर लिस्ट होने के बाद कैसा प्रदर्शन करेगा।

बोली लगाने की अंतिम तारीख नज़दीक है, और अलॉटमेंट का आधार 17 जुलाई को फाइनल होने की उम्मीद है। सफल आवेदकों को 21 जुलाई की निर्धारित लिस्टिंग डेट से पहले उनके डीमैट अकाउंट में शेयर क्रेडिट होते दिखेंगे। भाग लेने के इच्छुक निवेशकों को अंतिम सब्सक्रिप्शन नंबर्स पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि वे इश्यू बंद होने से पहले कुल इंस्टीट्यूशनल और रिटेल डिमांड की स्पष्ट तस्वीर देंगे।

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