Prabhudas Lilladher ने Steel Authority of India (SAIL) के लिए अपना टारगेट प्राइस घटाकर ₹180 कर दिया है। हालांकि कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट **67%** बढ़ा है, लेकिन कोकिंग कोल की ऊंची कीमतें और भविष्य की चुनौतियां निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।
मुनाफे में उछाल, लेकिन चुनौतियां बरकरार
Prabhudas Lilladher ने Steel Authority of India (SAIL) पर अपना आउटलुक अपडेट किया है। कंपनी की हालिया फाइनेंशियल रिपोर्ट के मुताबिक, EBITDA में 67% का बड़ा उछाल आया है और यह ₹42.2 अरब पर पहुंच गया है। कंपनी की सेल्स वॉल्यूम में भी 10% की वृद्धि देखी गई है, जो 5.16 मिलियन टन रही। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से पुराने स्टॉक को निकालने (liquidation) के कारण संभव हो पाई है।
आयरन ओर का सहारा
कंपनी के नतीजों में एक बड़ी राहत 'आयरन ओर फाइन्स' की बिक्री से आई। चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में इस नॉन-कोर एक्टिविटी ने मुनाफे में ₹3.88 अरब का योगदान दिया है। हालांकि, यह कमाई फिलहाल एक कुशन की तरह है, क्योंकि कंपनी अभी भी कोकिंग कोल की ऊंची कीमतों और स्टील की कीमतों में उतार-चढ़ाव के दबाव में काम कर रही है। स्टील इंडस्ट्री में कोकिंग कोल का बड़ा महत्व है, इसलिए इसकी कीमतों में अस्थिरता सीधे कंपनी के मार्जिन को प्रभावित करती है।
Tasra माइन पर टिकी उम्मीदें
निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट जनवरी 2027 में शुरू होने वाली Tasra कोकिंग कोल माइन है। यह प्रोजेक्ट रणनीतिक रूप से इसलिए अहम है क्योंकि इससे कंपनी की इम्पोर्टेड कोल पर निर्भरता कम होगी। अगर यह प्रोजेक्ट समय पर शुरू होता है और उत्पादन उम्मीद के मुताबिक रहता है, तो कंपनी ग्लोबल कोयला कीमतों के झटकों से बच सकेगी और लॉन्ग टर्म में कॉस्ट एफिशिएंसी में सुधार होगा।
फिलहाल, एनालिस्ट्स ने कंपनी के एक्सपेंशन प्लान और स्टील-कोयला कीमतों के अनुमानों को देखते हुए अपनी प्रोजेक्शन्स को रिवाइज किया है। स्टॉक वर्तमान में फाइनेंशियल ईयर 2028 और 2029 के अनुमानित ऑपरेटिंग प्रॉफिट के 5x से 5.3x के वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। भविष्य में निवेशकों का फोकस Tasra माइन की कमीशनिंग डेट और स्टील की कीमतों में रिकवरी पर रहेगा।
