ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Restaurant Brands Asia के लिए अपना टारगेट प्राइस बढ़ाकर **₹112** कर दिया है। घरेलू बाजार में कंपनी की मजबूत स्थिति के बीच इंडोनेशियाई बिजनेस का घाटा निवेशकों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
भारत में दमदार प्रदर्शन
भारतीय बाजार में कंपनी की स्थिति काफी मजबूत बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार, कंपनी की सेम-स्टोर सेल्स में 14% की बढ़ोतरी देखी गई है। प्रति स्टोर औसत दैनिक बिक्री (Average daily sales) बढ़कर ₹1.31 लाख के स्तर पर पहुंच गई है, जो ग्राहकों के बीच ब्रांड की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। कंपनी ने अपने कॉर्पोरेट खर्चों में भी करीब 3.8% की कटौती की है, जिससे एडजस्टेड नेट प्रॉफिट में सुधार हुआ है।
इंडोनेशियाई मार्केट की चुनौती
भारत में सफलता के बावजूद, इंडोनेशियाई सेगमेंट अभी भी कंपनी की मुसीबत बना हुआ है। इस डिवीजन में ₹11.9 करोड़ (₹119 मिलियन) का EBITDA घाटा दर्ज किया गया है, जिसका मुख्य कारण 'Popeyes' ब्रांड का खराब प्रदर्शन है। मैनेजमेंट अब इस बिजनेस को बेचने के बजाय स्टोर-लेवल पर बड़े बदलाव (Revamp) करने की रणनीति पर काम कर रहा है। निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या यह नई रणनीति कैश की बर्बादी को रोक पाएगी।
आगे की राह और नजरें
ब्रोकरेज का मानना है कि दिसंबर में शुरू होने वाले यूथ-फोकस्ड एंगेजमेंट प्रोग्राम्स से भारतीय बाजार में ट्रैफिक और बढ़ेगा। अनुमान है कि अगर ऑपरेटिंग लेवरेज बेहतर रहता है, तो कंपनी का अर्निंग्स पर शेयर (EPS) FY28 तक ₹1.6 तक पहुंच सकता है। हालांकि, कंसोलिडेटेड लेवल पर प्रॉफिटेबिलिटी के लिए इंडोनेशिया के टर्नअराउंड का सफल होना बेहद जरूरी है। निवेशकों के लिए सलाह है कि वे भारतीय बाजार की ग्रोथ और इंडोनेशियाई ऑपरेशन के मार्जिन सुधार पर बारीकी से नजर रखें, क्योंकि कोई भी विफलता कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ पर दबाव डाल सकती है।
