Reliance Industries: Jio IPO से बदलेगी किस्मत? ब्रोकरेज ने दिया **47%** अपसाइड का टारगेट

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Reliance Industries: Jio IPO से बदलेगी किस्मत? ब्रोकरेज ने दिया **47%** अपसाइड का टारगेट

Religare Broking ने Reliance Industries के लिए **₹1,696** का नया टारगेट सेट किया है। जानकारों का मानना है कि Jio Platforms का आगामी IPO कंपनी के शेयर के लिए वैल्यूएशन को अनलॉक करने वाला साबित हो सकता है। साल **2026** में अब तक शेयर **26%** गिर चुका है, जबकि IPO के जरिए कंपनी **₹30,000 करोड़** जुटाने की तैयारी में है।

Reliance Industries (RIL) के शेयर, जिन्होंने साल 2026 में अब तक 26% की गिरावट देखी है, के लिए Religare Broking की रिपोर्ट से नई उम्मीद जगी है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर कवरेज शुरू करते हुए ₹1,696 का टारगेट दिया है, जो मौजूदा ₹1,179.50 के भाव से काफी ऊपर है। एनालिस्ट्स का मानना है कि Jio Platforms का IPO कंपनी के विभिन्न बिजनेस सेगमेंट्स की वैल्यू को अनलॉक करने का सबसे बड़ा जरिया है।\n\n### कॉग्लोमरेट डिस्काउंट का समाधान\n\nब्रोकरेज का मानना है कि Jio के IPO से उस 'कॉग्लोमरेट डिस्काउंट' को हटाने में मदद मिलेगी, जो सालों से RIL के शेयर पर दबाव बनाए हुए है। जब कोई कंपनी डिजिटल सर्विस, रिटेल और एनर्जी जैसे अलग-अलग बड़े बिजनेस चलाती है, तो मार्केट वैल्यूएशन में डिस्काउंट लगा देता है। Jio के पब्लिक होने से इसे एक स्वतंत्र मार्केट प्राइस मिलेगा, जिससे 'सम-ऑफ-द-पार्ट्स' मॉडल के जरिए निवेशकों को सही वैल्यूएशन का पता चल सकेगा।\n\n### IPO की बारीकियां और डेट स्ट्रेटजी\n\nJio Platforms का IPO 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक खुला रहेगा और इसकी लिस्टिंग 28 अक्टूबर 2026 को तय की गई है। ₹30,000 करोड़ के इस इश्यू का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर रखा गया है। कंपनी की योजना इस फंड से Reliance Jio Infocomm पर मौजूद कर्ज को कम करने की है, जिससे बैलेंस शीट मजबूत होगी।\n\n### बिजनेस की चुनौतियां\n\nJio अब नेटवर्क विस्तार के बजाय मोनेटाइजेशन पर जोर दे रही है। FY26 में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹1,46,885 करोड़ रहा और EBITDA मार्जिन 51.9% पर है। ग्रोथ अब ARPU (Average Revenue Per User) बढ़ने, प्रीमियम 5G प्लान्स और क्लाउड/AI सर्विसेज से आ रही है। हालांकि, निवेशकों को याद रखना चाहिए कि O2C (ऑयल-टू-केमिकल्स) सेगमेंट में कमजोर रिफाइनिंग मार्जिन और FII की बिकवाली स्टॉक पर दबाव बना रही है। शेयर की चाल भविष्य में IPO की लिस्टिंग और एनर्जी सेगमेंट के परफॉर्मेंस पर निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.