Market Volatility: Raja Venkatraman ने इन 3 शेयरों पर जताई नजर, क्या आपकी वॉचलिस्ट में हैं ये स्टॉक्स?

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AuthorAditya Rao|Published at:
Market Volatility: Raja Venkatraman ने इन 3 शेयरों पर जताई नजर, क्या आपकी वॉचलिस्ट में हैं ये स्टॉक्स?

बाजार में जारी उठापटक और Nifty के **23,500** के स्तर पर दबाव के बीच, मार्केट एनालिस्ट Raja Venkatraman ने Karur Vysya Bank, Leela Palaces Hotels & Resorts और HFCL के टेक्निकल सेटअप पर खास फोकस करने की सलाह दी है।

भारतीय शेयर बाजार फिलहाल एक कंसोलिडेशन फेज से गुजर रहा है। Nifty के लिए 23,500 का लेवल एक बड़ी बाधा बना हुआ है, जिससे निवेशकों में सतर्कता का माहौल है। इस अनिश्चितता के दौर में, मार्केट एक्सपर्ट Raja Venkatraman ने तीन शेयरों—Karur Vysya Bank, Leela Palaces Hotels & Resorts और HFCL—पर अपनी टेक्निकल राय रखी है।

1. Karur Vysya Bank (KVB)

निजी बैंकिंग क्षेत्र में Karur Vysya Bank लगातार सुर्खियों में है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में बेहतर क्रेडिट ग्रोथ और एसेट क्वालिटी के कारण निवेशकों का भरोसा इस पर बना हुआ है। बैंकिंग सेक्टर की वोलेटिलिटी के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि बैंक अपनी परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) को कैसे बरकरार रखता है।

2. Leela Palaces Hotels & Resorts

लग्जरी हॉस्पिटैलिटी सेगमेंट में Leela Palaces एक मजबूत नाम है। जैसे-जैसे प्रीमियम ट्रैवल की डिमांड बढ़ रही है, निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या यह कंपनी ऑक्यूपेंसी रेट और रूम रेंट के मामले में अपनी पकड़ मजबूत रख पाती है। लॉन्ग टर्म वैल्यूएशन के लिहाज से यह शेयर सेक्टर के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

3. HFCL

टेलीकॉम और डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की दिग्गज कंपनी HFCL अपने प्रोजेक्ट-बेस्ड ऑर्डर बुक के कारण चर्चा में है। डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के बढ़ते विस्तार से कंपनी को सीधा फायदा मिल सकता है। एनालिस्ट्स इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि कंपनी अपने सप्लाई चेन को कैसे मैनेज करती है और भविष्य के ऑर्डर को कितनी तेजी से एग्जीक्यूट करती है।

निवेशकों के लिए सलाह

बाजार के मौजूदा कंसोलिडेशन में जोखिम बढ़ गया है। Nifty का 23,500 के स्तर को पार न कर पाना यह बताता है कि ग्लोबल फैक्टर्स और केंद्रीय बैंकों की पॉलिसी से स्पष्ट दिशा मिलने तक दबाव बना रह सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे केवल शॉर्ट-टर्म प्राइस मूवमेंट्स के बजाय कंपनी के फंडामेंटल और सेक्टर की डिमांड पर ज्यादा ध्यान दें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.