RBL Bank Share: ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट, फिर भी 7% लुढ़का शेयर, निवेशकों की चिंता की असली वजह क्या है?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
RBL Bank Share: ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट, फिर भी 7% लुढ़का शेयर, निवेशकों की चिंता की असली वजह क्या है?

RBL Bank के शेयरों में आज **7%** की बड़ी गिरावट देखने को मिली। भले ही Emkay Global ने स्टॉक का टारगेट प्राइस बढ़ाकर **₹475** कर दिया हो, लेकिन निवेशकों का पूरा ध्यान कंपनी के हाई प्रोविजनिंग और वैल्यूएशन पर टिका हुआ है।

मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को RBL Bank के शेयरों में जोरदार बिकवाली का माहौल रहा। स्टॉक 7% से अधिक फिसलकर ₹388 के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया। ब्रोकरेज फर्म Emkay Global ने बैंक की लेंडिंग स्ट्रैटेजी को देखते हुए टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹475 तय किया था, लेकिन मार्केट ने इन खबरों को नजरअंदाज करते हुए केवल वित्तीय चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया।

नतीजों का विश्लेषण

वित्तीय वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के आंकड़े मिले-जुले रहे हैं। बैंक का नेट प्रॉफिट 170% बढ़कर ₹481.77 करोड़ रहा, जबकि नेट इंटरेस्ट इनकम 37.4% की बढ़त के साथ ₹2,131 करोड़ दर्ज की गई। हालांकि, बैंक द्वारा ₹766.5 करोड़ का भारी प्रोविजनिंग (Provisioning) करना निवेशकों को पसंद नहीं आया। ज्यादा प्रोविजनिंग का सीधा असर मुनाफे पर पड़ता है, जिससे बाजार की उम्मीदों और हकीकत के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया।

एसेट क्वालिटी और वैल्यूएशन

अच्छी बात यह है कि बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार दिखा है। ग्रॉस NPA गिरकर 1.02% पर आ गया है, जबकि नेट NPA 0.29% रह गया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि पिछले एक साल में शेयर में 44% की रैली आ चुकी है, जिसके बाद अब वैल्यूएशन काफी महंगा लग रहा है। ऐसे में निवेशकों को चिंता है कि क्या आगे भी ऐसी ग्रोथ बरकरार रहेगी।

आगे की राह

बैंक फिलहाल लिक्विडिटी मैनेज करने की कोशिश कर रहा है, जिसका असर मार्जिन पर पड़ सकता है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि बैंक अपने लोन बुक को कैसे बढ़ाता है और प्रोविजनिंग खर्चों को कैसे कंट्रोल में रखता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.