RBI Repo Rate Hike: RBI ने Repo Rate बढ़ाकर **5.50%** किया, बाजार में हलचल के बीच इन **2** शेयरों पर नजर

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
RBI Repo Rate Hike: RBI ने Repo Rate बढ़ाकर **5.50%** किया, बाजार में हलचल के बीच इन **2** शेयरों पर नजर

Reserve Bank of India ने रेपो रेट में **25** बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर इसे **5.50%** कर दिया है। महंगाई पर लगाम लगाने के लिए RBI के इस फैसले ने निवेशकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है, लेकिन मार्केट की उठापटक के बीच MTAR Technologies और Aegis Logistics में तेजी की संभावना जताई जा रही है।

RBI ने बुधवार को बाजार को हैरान करते हुए रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट्स बढ़ाकर 5.50% कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने अब 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' (Calibrated Tightening) का रुख अपना लिया है, जिसका सीधा मतलब है कि प्राथमिकता अब महंगाई को काबू में रखना है, न कि ब्याज दरों में कटौती। इस फैसले ने उन उम्मीदों को खत्म कर दिया है, जिनके दम पर बाजार में तेजी बनी हुई थी।

बाजार पर असर

इस खबर के बाद निवेशकों में घबराहट दिखी और Nifty 50 में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि RBI ने चालू फाइनेंशियल ईयर के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 7.1% रहने का भरोसा जताया है, लेकिन मार्केट की चिंता इस बात को लेकर है कि बढ़ती ब्याज दरें कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन और कर्ज के बोझ को कैसे प्रभावित करेंगी।

टेक्निकल चार्ट पर दो शेयरों की चमक

बाजार की कमजोरी के बावजूद, टेक्निकल एनालिस्ट्स की नजर दो स्टॉक्स—MTAR Technologies और Aegis Logistics पर बनी हुई है। ये शेयर चार्ट्स पर 'टेक्निकल ब्रेकआउट' (Technical Breakout) के संकेत दे रहे हैं, जो शॉर्ट टर्म में मजबूती की ओर इशारा करते हैं।

MTAR Technologies, जो प्रिसिजन इंजीनियरिंग और डिफेंस सेक्टर में काम करती है, को उसके मजबूत ऑर्डर बुक के लिए जाना जाता है। वहीं, Aegis Logistics का प्रदर्शन घरेलू ऊर्जा मांग और LPG इंफ्रास्ट्रक्चर पर टिका है, जो इसे इंफ्रा सेक्टर का एक अहम प्लेयर बनाता है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

टेक्निकल मजबूती एक तरफ है, लेकिन आर्थिक जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ब्याज दरें बढ़ने का मतलब है कि कर्ज वाली कंपनियों की ब्याज लागत बढ़ेगी, जिससे उनके मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है। इंजीनियरिंग सेक्टर में प्रोजेक्ट्स में देरी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव बड़े जोखिम हैं। आने वाले समय में कंपनियों के नतीजों और मैनेजमेंट की कमेंट्री पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.