R R Kabel ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए **52%** की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। हालांकि, जहां कंपनी का केबल बिजनेस मजबूत है, वहीं FMEG सेगमेंट अभी भी घाटे में चल रहा है, जिस पर निवेशकों की खास नजर है।
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में R R Kabel ने जबरदस्त मजबूती दिखाई है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 52% बढ़ा है, जिसकी मुख्य वजह वायर्स और केबल्स की डिमांड में रही तेजी है। कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में भी सुधार आया है और इसका वर्किंग कैपिटल साइकिल घटकर 46 दिन रह गया है।
प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने पर जोर
कंपनी अपने विस्तार को लेकर बेहद आक्रामक है। इस साल 6 अरब रुपये का कैपिटल बजट आवंटित किया गया है। साथ ही, राजस्थान में जमीन अधिग्रहण के लिए 2 अरब रुपये को मंजूरी दी गई है। यह निवेश मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। निवेशकों के लिए बड़ी चुनौती यह होगी कि कंपनी इस प्रोजेक्ट को तय समय पर और बिना लागत बढ़ाए कैसे पूरा करती है।
FMEG बिजनेस में घाटे की चुनौती
कंपनी का FMEG (फास्ट मूविंग इलेक्ट्रिकल गुड्स) सेगमेंट, जिसमें पंखे और अन्य उपकरण शामिल हैं, उसने 42% की रेवेन्यू ग्रोथ दिखाई है। लेकिन, यह सेगमेंट अभी भी 4.5% के नेगेटिव ऑपरेटिंग मार्जिन के साथ घाटे में काम कर रहा है। मैनेजमेंट का लक्ष्य है कि इसी वित्त वर्ष में बेहतर कॉस्ट कंट्रोल के जरिए इस सेगमेंट को 'ब्रेक-ईवन' (नो प्रॉफिट-नो लॉस) स्तर पर लाया जाए।
निवेशक अब कंपनी के राजस्थान प्लांट की टाइमलाइन, FMEG सेगमेंट की मुनाफे की ओर वापसी और कच्चे माल (जैसे कॉपर और PVC) की कीमतों के उतार-चढ़ाव पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। बता दें कि वायर और केबल इंडस्ट्री में Polycab और Finolex जैसी कंपनियों के साथ कड़ा मुकाबला है, जिससे मार्जिन को बरकरार रखना एक बड़ी जिम्मेदारी है।
