Quest Investment Managers के CIO राकेश व्यास ने 2027 तक के लिए अपनी निवेश रणनीति साझा की है। उन्होंने बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच Cement और Consumer Discretionary सेक्टर में बड़े अवसर तलाशे हैं।
मार्केट एक्सपर्ट राकेश व्यास ने साफ कर दिया है कि अब वो दौर गया जब सिर्फ मार्केट की तेजी के भरोसे पैसा बनाया जा सकता था। सितंबर तिमाही में Nifty कंपनियों का मुनाफा 18% से 19% रहा है, जो भारतीय बाजार की मजबूती को दर्शाता है। अब निवेशक को 'बॉटम-अप' यानी कंपनी दर कंपनी बारीकी से विश्लेषण करने की जरूरत है।
क्यों है Cement और Consumer Discretionary पर फोकस?
Consumer Discretionary सेक्टर में प्रीमियम प्रोडक्ट्स की बढ़ती डिमांड और ऑर्गनाइज्ड रिटेल का विस्तार इसे आकर्षक बनाता है। राकेश व्यास का मानना है कि टैक्स में बदलाव और GST के सरलीकरण से लोगों के हाथ में खर्च करने योग्य पैसा बढ़ा है। वहीं दूसरी ओर, Cement सेक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और रियल एस्टेट की मांग से गति पकड़ रहा है। जो कंपनियां अपनी प्राइसिंग और क्षमता का सही इस्तेमाल करेंगी, वे आगे निकलेंगी।
अर्निंग्स का क्या है गणित?
वित्तीय वर्ष 2027 के लिए कॉर्पोरेट अर्निंग्स ग्रोथ 11% से 12% के बीच रहने का अनुमान है। व्यास के अनुसार, निवेशकों को अब उन कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए जो मजबूत मैनेजमेंट और भरोसेमंद अर्निंग्स क्वालिटी दिखा रही हैं।
रिस्क फैक्टर और सतर्कता
बाजार में सब कुछ सकारात्मक नहीं है। ग्लोबल जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण कमोडिटी और एनर्जी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जो मार्जिन पर दबाव डाल सकता है। इसके अलावा, विदेशी फंड्स का प्रवाह भी अस्थिर बना हुआ है। इसलिए, निवेशकों को कंपनी के कर्ज (Debt) और मार्जिन को बनाए रखने की क्षमता को हर हाल में ट्रैक करना चाहिए।
