बाजार में जारी अनिश्चितता के बीच क्वांटिटेटिव मॉडल्स ने NTPC और Bharat Electronics समेत **12** भारतीय शेयरों को चुना है। इनका चुनाव बेहतर मोमेंटम और फंडामेंटल्स के आधार पर किया गया है, हालांकि निवेश से पहले रिस्क फैक्टर समझना जरूरी है।
भारतीय शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच एक नई क्वांटिटेटिव स्क्रीनिंग में 12 लार्ज और मिड-कैप कंपनियों की पहचान की गई है, जिनके डेटा स्कोर में सुधार देखा गया है। इन शेयरों में Tata Consumer Products, NTPC, और Bharat Electronics जैसे नाम शामिल हैं।
सिलेक्शन का आधार क्या है?
यह स्क्रीनिंग 'Refinitiv Stock Reports Plus' (SR Plus) मैथोडोलॉजी का उपयोग करके की गई है। इसमें पांच मुख्य बिंदुओं को आधार बनाया गया है: अर्निंग्स परफॉर्मेंस, प्राइस मोमेंटम, फंडामेंटल स्ट्रेंथ, रिस्क लेवल और रिलेटिव वैल्यूएशन। इसका मुख्य उद्देश्य भावनाओं से दूर रहकर उन कंपनियों को चुनना है, जिनका क्वांटिटेटिव स्कोर पिछले 1 महीने में बेहतर रहा है। इस लिस्ट में Amara Raja Energy & Mobility, CCL Products, और HDB Financial Services जैसी कंपनियां भी शामिल हैं।
बाजार की कठिन चुनौतियां
फिलहाल निफ्टी और सेंसेक्स दबाव में हैं। इसकी बड़ी वजह बढ़ती ग्लोबल बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतें हैं, जो $105 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। बढ़ती ऊर्जा लागत के कारण मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के मार्जिन पर असर पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में, यह स्क्रीनिंग उन शेयरों को ढूंढने की कोशिश है जो व्यापक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद लचीलापन दिखा रहे हैं।
निवेशकों के लिए सावधानी
क्वांटिटेटिव मॉडल डेटा-आधारित संकेत जरूर देते हैं, लेकिन ये कोई गारंटी नहीं हैं। यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो मजबूत कंपनियां भी दबाव में आ सकती हैं। तकनीकी स्कोर का मतलब यह नहीं है कि ये शेयर हर हाल में ऊपर जाएंगे। इसलिए, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे इसे पूरी तरह ट्रेडिंग सिग्नल न मानकर अपनी रिसर्च का हिस्सा बनाएं और क्वार्टरली रिजल्ट्स पर नजर रखें।
