Prudent Corporate Advisory: FY27 में म्यूचुअल फंड (MF) बिजनेस में 20% ग्रोथ का लक्ष्य

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Prudent Corporate Advisory: FY27 में म्यूचुअल फंड (MF) बिजनेस में 20% ग्रोथ का लक्ष्य

Prudent Corporate Advisory Services ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने म्यूचुअल फंड (MF) बिजनेस में **20%** से ज़्यादा की ग्रोथ का अनुमान लगाया है। कंपनी का मानना है कि ऊंचे एसेट्स और मजबूत SIP बुक के दम पर हाल के रेगुलेटरी बदलावों को पार किया जा सकेगा। कंपनी को उम्मीद है कि इंश्योरेंस बिजनेस भी कम से कम **30%** बढ़ेगा, जो कि SEBI के कमीशन नॉर्म्स से मिले दबाव के बावजूद एक अहम ग्रोथ इंजन साबित होगा।

Detailed Coverage

अहमदाबाद की Prudent Corporate Advisory Services ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने म्यूचुअल फंड (MF) डिवीजन में 20% से अधिक रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। यह टारगेट ऐसे समय में आया है जब हाल ही में सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने ट्रेल कमीशन को लेकर नियमों में बदलाव किए हैं, जिसका असर डिस्ट्रिब्यूटर्स की कमाई पर पड़ा है।

SEBI के कमीशन बदलावों का असर

कंपनी ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही में रेवेन्यू में गिरावट दर्ज की है, जो इंश्योरेंस सेगमेंट में मौसमी उतार-चढ़ाव और SEBI की नई कमीशन स्ट्रक्चर, दोनों से जुड़ा है। इन बदलावों के तहत, डिस्ट्रिब्यूटर्स को यह लगातार फीस तभी मिलेगी जब तक निवेशक अपनी होल्डिंग्स बनाए रखेंगे। इससे औसत यील्ड 91.2 बेसिस पॉइंट से घटकर 88.4 बेसिस पॉइंट रह गई है। इसे पूरा करने के लिए, कंपनी लगभग ₹1.40 लाख करोड़ के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) और ₹120 करोड़ से ₹140 करोड़ के बीच की मजबूत मंथली सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) बुक पर निर्भर करेगी। इस ग्रोथ को बनाए रखने की सफलता काफी हद तक निवेशकों की निरंतर रुचि और स्थिर बाजार स्थितियों पर निर्भर करेगी।

इंश्योरेंस सेगमेंट ग्रोथ का मुख्य जरिया

अपने म्यूचुअल फंड ऑपरेशन्स के अलावा, Prudent अपने इंश्योरेंस बिजनेस पर भी काफी ध्यान दे रहा है। मैनेजमेंट का संकेत है कि यह सेगमेंट म्यूचुअल फंड डिवीजन से बेहतर प्रदर्शन करेगा, चालू वित्त वर्ष के लिए 30% की अनुमानित ग्रोथ रेट के साथ। विशेष रूप से, कंपनी हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम कलेक्शन में 40-45% की वृद्धि का लक्ष्य बना रही है। कंपनी नए लाइफ इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के लॉन्च पर भी दांव लगा रही है ताकि FY27 के दौरान कुल प्रीमियम रेवेन्यू को अतिरिक्त सपोर्ट मिल सके।

निवेशक संभवतः कंपनी की क्षमता पर नज़र रखेंगे कि वह कम कमीशन यील्ड के कारण हुए पतले मार्जिन की भरपाई के लिए अपने एसेट बेस को प्रभावी ढंग से कैसे बढ़ा पाती है। भविष्य के अपडेट इस बात पर केंद्रित होंगे कि क्या कंपनी अपनी मंथली SIP इनफ्लो को बनाए रख पाती है और जैसे-जैसे वित्त वर्ष आगे बढ़ता है, क्या इंश्योरेंस सेक्टर का विस्तार मैनेजमेंट टीम द्वारा निर्धारित उच्च ग्रोथ लक्ष्यों को पूरा कर पाता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.