प्रभुदास लीलाधर (Prabhudas Lilladher) ने Prudent Corporate Advisory Services के शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹3,175 कर दिया है। कंपनी के तिमाही नतीजों में जोरदार ग्रोथ और विस्तार को देखते हुए यह बड़ा फैसला लिया गया है।
Detailed Coverage
जानिए क्यों बढ़ा टारगेट?
प्रभुदास लीलाधर (Prabhudas Lilladher) ने Prudent Corporate Advisory Services पर 'Accumulate' की रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस को पिछले ₹2,875 से बढ़ाकर ₹3,175 कर दिया है। यह बढ़ोतरी हालिया तिमाही में कंपनी के शानदार प्रदर्शन के बाद आई है। इस तिमाही में कंपनी का EBITDA (ऑपरेटिंग प्रॉफिट) उम्मीद से 23% ज्यादा रहा। ब्रोकरेज फर्म ने फाइनेंशियल ईयर 2027 और 2028 के लिए कंपनी के EPS (Earnings Per Share) अनुमानों को भी 5% बढ़ा दिया है, जो कंपनी के ग्रोथ आउटलुक पर भरोसे को दर्शाता है।
AUM ग्रोथ और यील्ड में स्थिरता
कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ में क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर (QoQ) 4% की बढ़त के साथ एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) का बड़ा योगदान रहा। यह इंडस्ट्री के 2.9% ग्रोथ से बेहतर है। हालांकि, प्रति एसेट कमीशन इनकम में 3 बेसिस पॉइंट की मामूली गिरावट आई है, जो GST एडजस्टमेंट के कारण है। इसके बावजूद, नेट म्यूचुअल फंड यील्ड में 3 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ और यह 31% पर पहुंच गया। मैनेजमेंट का मानना है कि यह लेवल आगे भी स्थिर रहेगा।
पार्टनर नेटवर्क का तेजी से विस्तार
कंपनी की मौजूदा तेजी के पीछे नए पार्टनर्स का तेजी से जुड़ना एक बड़ा कारण है। कंपनी हर महीने लगभग 600 नए पार्टनर्स जोड़ रही है, जो फाइनेंशियल ईयर 2026 में देखे गए 413 पार्टनर्स प्रति माह के आंकड़े से काफी ज्यादा है। यह ग्रोथ उन GST-रजिस्टर्ड न हुए डिस्ट्रीब्यूटर्स को प्लेटफॉर्म सपोर्ट और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर देकर हासिल की जा रही है। इस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को बढ़ाने की स्ट्रैटेजी से Prudent Corporate का लक्ष्य फाइनेंशियल एडवाइजरी स्पेस में अपनी मार्केट हिस्सेदारी बढ़ाना है।
वैल्यूएशन और आगे की राह
इन बेहतर नतीजों और ग्रोथ को देखते हुए, प्रभुदास लीलाधर ने स्टॉक के लिए वैल्यूएशन मल्टीपल को 35x से बढ़ाकर 37.5x कर दिया है। ₹3,175 का नया टारगेट प्राइस मार्च 2028 की अनुमानित कमाई पर आधारित है। निवेशकों के लिए मुख्य बातें यह होंगी कि कंपनी नेट म्यूचुअल फंड यील्ड को बनाए रख पाती है या नहीं और पार्टनर जोड़ने की दर कितनी स्थायी रहती है। कंपनी का बिजनेस मॉडल म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की ग्रोथ और बढ़ते डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए प्लेटफॉर्म स्केल करते समय लागत प्रबंधन पर काफी हद तक निर्भर करता है।
