ग्लोबल सप्लाई चेन में आए बदलावों के बीच ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने PCBL के शेयर को 'Buy' रेटिंग दी है। रूस से सस्ते कार्बन ब्लैक की सप्लाई कम होने का सीधा फायदा घरेलू कंपनियों को मिलता दिख रहा है।
बाजार की नई चाल और PCBL को फायदा
कार्बन ब्लैक बनाने वाली कंपनी PCBL (पूर्व में Phillips Carbon Black) को लेकर ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने अपना रुख पॉजिटिव कर लिया है। वर्तमान में यह शेयर ₹328 के आसपास ट्रेड कर रहा है और ब्रोकरेज ने इसका टारगेट प्राइस ₹391 रखा है।
इस अपग्रेड की मुख्य वजह ग्लोबल ट्रेड डायनामिक्स में आया बदलाव है। कैलेंडर ईयर 2026 की पहली छमाही में रूस से आने वाले सस्ते कार्बन ब्लैक में कमी आई है। हालांकि इस कमी को चीन पूरा कर रहा है, लेकिन वहां से आने वाला माल US$1.3 प्रति किलो के भाव पर है, जो पहले रूस से आने वाले US$1 प्रति किलो के मुकाबले काफी महंगा है। इस महंगे इंपोर्ट का फायदा सीधे तौर पर PCBL जैसी घरेलू कंपनियों को मिल रहा है, जिनकी बाजार में प्राइसिंग पावर मजबूत हुई है।
शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
कंपनी के हालिया नतीजे भी निवेशकों के भरोसे को मजबूती दे रहे हैं। जून 2026 में खत्म हुई तिमाही (Q1 FY27) में कंपनी का नेट प्रॉफिट 64.77% बढ़कर ₹154.97 करोड़ पहुंच गया है। मैनेजमेंट ने भी आने वाले समय के लिए आक्रामक गाइडेंस दी है, जिसमें EBITDA प्रति टन 14-15% सालाना वृद्धि के साथ ₹17,000 के स्तर तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।
निवेशक इन रिस्क पर रखें नजर
सब कुछ अच्छा दिखने के बावजूद निवेशकों को कुछ चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:
- फीडस्टॉक लागत: कच्चे माल (Feedstock) की कीमतों में उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर कंपनी के मुनाफे को प्रभावित कर सकता है।
- टायर इंडस्ट्री पर निर्भरता: PCBL की डिमांड मुख्य रूप से टायर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से आती है। ऑटो सेक्टर में सुस्ती या टायर की मांग कम होने से कंपनी पर सीधा असर पड़ सकता है।
- कंपटीशन: अगर आने वाले दिनों में इंपोर्ट और घरेलू मटेरियल की कीमतों का अंतर कम होता है, तो कंपनी की कॉम्पिटिटिव एडवांटेज पर दबाव बन सकता है।
आने वाली तिमाहियों में कंपनी अपने EBITDA टारगेट को कैसे हासिल करती है, यह देखना सबसे महत्वपूर्ण होगा।
