प्रभुदास लीलाधर (Prabhudas Lilladher) ने Kirloskar Pneumatic के शेयर पर दांव लगाया है। हालिया गिरावट के बाद स्टॉक के रिस्क-रिवॉर्ड प्रोफाइल में सुधार देखते हुए ब्रोकरेज ने इसे 'Buy' रेटिंग दी है। हालांकि मिडिल ईस्ट में लॉजिस्टिक्स की दिक्कतों के कारण शॉर्ट-टर्म में सुस्ती रह सकती है, लेकिन दूसरी छमाही में रिकवरी की पूरी उम्मीद है।
ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर ने Kirloskar Pneumatic Company के लिए अपने नजरिए को सकारात्मक करते हुए 'Buy' रेटिंग जारी की है और शेयर के लिए ₹861 का नया टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि हाल के दिनों में शेयर की कीमतों में आई गिरावट ने एक बेहतर एंट्री पॉइंट तैयार कर दिया है। मूल्यांकन के लिहाज से, ब्रोकरेज अब कंपनी के बिजनेस को सितंबर 2028 की अनुमानित कमाई के 30 गुना पर वैल्यू कर रहा है।
ऑपरेशन्स के सामने चुनौतियां
ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी अभी कुछ ऑपरेशनल दबाव से जूझ रही है। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण लॉजिस्टिक्स और प्रोडक्ट डिस्पैच में देरी हो रही है, जिसका असर शॉर्ट-टर्म नतीजों पर पड़ सकता है। हालांकि, मैनेजमेंट ने भरोसा दिलाया है कि पेंडिंग ऑर्डर्स को मौजूदा तिमाही में ही पूरा कर लिया जाएगा, जिससे फाइनेंशियल ईयर की दूसरी छमाही में रफ्तार फिर से पकड़ने की उम्मीद है।
डिमांड और नए प्रोडक्ट्स का दम
लॉजिस्टिक्स की बाधाओं के बावजूद, कंपनी का आउटलुक काफी मजबूत बना हुआ है। एयर कंप्रेशन, रेफ्रिजरेशन, सीएनजी सिस्टम और गैस एप्लीकेशंस जैसे सेगमेंट्स में मांग बनी हुई है। कंपनी अपने नए प्रोडक्ट रेंज जैसे 'Tezcatlipoca' पर काफी फोकस कर रही है, जिसे बाजार से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। वहीं, 'Zeyphros' की पहली कमर्शियल सेल के बाद, कंपनी अगले क्वार्टर में इसका रूफ-माउंटेड वर्जन लाने की तैयारी में है।
अनुशासन पर जोर
कंपनी की सबसे बड़ी ताकत उसकी प्रोजेक्ट सिलेक्शन की रणनीति है। मैनेजमेंट वॉल्यूम के पीछे भागने के बजाय उन प्रोजेक्ट्स को चुन रहा है जहां मार्जिन सुरक्षित रहे। यह अनुशासित तरीका कंपनी को सेक्टर में आने वाले प्राइसिंग प्रेशर से बचाने में मददगार साबित होगा।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
आने वाले महीनों में निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कंपनी अपने पेंडिंग ऑर्डर्स को कितनी तेजी से क्लियर करती है और नई कमर्शियल लॉन्चिंग कैसा परफॉर्म करती है। साथ ही, ऑयल और गैस सेक्टर से मिलने वाले नए ऑर्डर्स ग्रोथ को बनाए रखने के लिए बेहद अहम होंगे।
