ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने KEC International के शेयर पर 'Accumulate' रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस को घटाकर ₹523 कर दिया है। यह फैसला Q1 FY27 के कमजोर नतीजों के बाद आया है, जहां एग्जीक्यूशन में देरी और जियोपॉलिटिकल दिक्कतों के चलते नेट प्रॉफिट में **42%** की गिरावट दर्ज की गई।
टारगेट क्यों घटाया?
ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने KEC International के आउटलुक पर अपडेट जारी किया है। उन्होंने स्टॉक पर 'Accumulate' रेटिंग तो बनाए रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस को ₹558 से घटाकर ₹523 कर दिया है। यह कदम कंपनी की हालिया तिमाही की कमजोर परफॉरमेंस को दर्शाता है। 12 अगस्त 2026 तक, KEC International के शेयर लगभग ₹447.50 पर ट्रेड कर रहे थे।
Q1 FY27 के नतीजे
वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही में KEC International का रेवेन्यू ₹5,024 करोड़ रहा, जो कि पिछले साल के बराबर ही है। हालांकि, नेट प्रॉफिट में 42% की भारी गिरावट आई और यह ₹73 करोड़ पर आ गया। मैनेजमेंट और ब्रोकरेज का मानना है कि इस गिरावट के पीछे मध्य पूर्व में जियोपॉलिटिकल अस्थिरता, मजदूरों की कमी और पुराने प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में आ रही दिक्कतें मुख्य कारण हैं।
मजबूत ऑर्डर बुक और ग्रोथ की उम्मीद
इन चुनौतियों के बावजूद, कंपनी के पास ₹40,000 करोड़ से ज्यादा का मजबूत ऑर्डर बुक है, जिसमें L1 (लोएस्ट बिडर) पोजीशन भी शामिल हैं। ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) सेगमेंट, खासकर हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट (HVDC) सिस्टम और डेटा सेंटरों में, कंपनी का मुख्य योगदानकर्ता बना हुआ है। वहीं, केबल्स सेगमेंट ने 57% रेवेन्यू ग्रोथ के साथ दमदार प्रदर्शन किया है, जो कंपनी के प्रोडक्ट मिक्स में आगे और योगदान दे सकता है।
ऑपरेशनल दिक्कतें और वर्किंग कैपिटल
कंपनी के ऑपरेशनल मोर्चे पर कुछ दिक्कतें बनी हुई हैं। सिविल, ट्रांसपोर्टेशन और वॉटर सेगमेंट में पुराने प्रोजेक्ट्स बंद होने और ज्यादा रिसीवेबल्स के कारण परफॉरमेंस कमजोर रही है, जिसका असर वर्किंग कैपिटल पर पड़ा है। इसके अलावा, लॉजिस्टिक्स और फ्रेट कॉस्ट में बढ़ोतरी से भी प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ा है। ब्रोकरेज ने यह भी नोट किया है कि कंपनी का वर्किंग कैपिटल साइकिल उम्मीद से धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है।
मैनेजमेंट का भरोसा और भविष्य की योजना
मैनेजमेंट ने पूरे वित्तीय वर्ष 2027 के लिए 12-15% रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान दोहराया है। उन्हें उम्मीद है कि पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने पर साल की दूसरी छमाही में रिकवरी देखने को मिलेगी। निवेशकों के लिए एक अहम बात कंपनी के बैलेंस शीट मैनेजमेंट पर नजर रखना होगी। मैनेजमेंट ने मार्च 2027 तक नेट डेट को लगभग ₹65.7 बिलियन से घटाकर ₹55 बिलियन करने का लक्ष्य रखा है।
निवेशकों को वर्किंग कैपिटल के स्तर और कंपनी की बड़ी ऑर्डर बुक को कुशलतापूर्वक निष्पादित करने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए। प्रोजेक्ट्स की कमीशनिंग और मार्जिन रिकवरी से जुड़े भविष्य के अपडेट कंपनी के प्रदर्शन को समझने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
