DOMS Industries के Q2 नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि रेवेन्यू में उछाल आया है, लेकिन गुजरात में बाढ़ और महंगाई के कारण मुनाफे पर दबाव दिखा है।
Prabhudas Lilladher ने DOMS Industries के हालिया फाइनेंशियल रिजल्ट्स के बाद कंपनी पर अपना भरोसा कायम रखा है और 'Buy' रेटिंग दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कंपनी चुनौतीपूर्ण बाजार स्थितियों और ऑपरेशनल बाधाओं से जूझ रही है।
नतीजों का लेखा-जोखा
फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही (Q2) में कंपनी का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल आधार पर 17.6% बढ़कर ₹667.8 करोड़ पर पहुंच गया है, जो कंपनी के प्रोडक्ट्स की मजबूत मांग को दर्शाता है। हालांकि, नेट प्रॉफिट में 36.2% की बड़ी गिरावट आई और यह ₹37.2 करोड़ रह गया।
मुनाफे में इस कमी का सबसे बड़ा कारण गुजरात स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में आई बाढ़ थी, जिसके कारण कंपनी को ₹10.4 करोड़ का एकमुश्त नुकसान झेलना पड़ा। इसके अलावा, कच्चे माल की कीमतों में आई महंगाई ने भी मार्जिन पर बुरा असर डाला। इसी कारण कंपनी का EBITDA मार्जिन 500 बेसिस पॉइंट्स घटकर 12.4% पर सिमट गया। हालांकि, एनालिस्ट इसे एक अस्थायी समस्या मान रहे हैं।
कैपेसिटी एक्सपेंशन पर नजर
ब्रोकरेज की पॉजिटिव राय के पीछे कंपनी का विस्तार प्लान एक बड़ा कारण है। DOMS Industries अपने 50 एकड़ के Umbergaon प्लांट में उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर तेजी से काम कर रही है। उम्मीद है कि तीसरी तिमाही से नई बिल्डिंग का रेवेन्यू में योगदान शुरू हो जाएगा, जिससे कंपनी की डिमांड पूरा करने की क्षमता बेहतर होगी।
निवेशकों के लिए अहम जानकारी
निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कंपनी अपनी नई क्षमता को कितनी तेजी से ऑपरेशनल बनाती है और मार्जिन को कैसे रिकवर करती है। कंपनी की बैलेंस शीट काफी मजबूत है और इसका नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो केवल 0.02x है, जो भविष्य के लिए वित्तीय लचीलापन देता है।
