ICICI Bank के निवेशकों के लिए खुशखबरी! ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने बैंक के शेयरों पर अपना भरोसा और बढ़ाते हुए टारगेट प्राइस को ₹1,850 तक कर दिया है। मजबूत तिमाही नतीजों और लगातार लोन ग्रोथ को देखते हुए यह बढ़ोतरी की गई है।
क्यों बदला ब्रोकरेज का नज़रिया?
Prabhudas Lilladher ने ICICI Bank के लिए अपने टारगेट प्राइस को पिछले ₹1,825 से बढ़ाकर ₹1,850 कर दिया है। यह फैसला बैंक के हालिया तिमाही प्रदर्शन के बाद आया है, जिसे ब्रोकरेज ने "मजबूत" बताया है। इसमें बैंक के मुख्य इंटरेस्ट इनकम और अलग-अलग बिजनेस सेग्मेंट्स से होने वाली फीस इनकम, दोनों में अच्छी ग्रोथ देखी गई है।
मुनाफे की क्वालिटी और कोर ग्रोथ
ब्रोकरेज की रिपोर्ट में ICICI Bank के मुनाफे की क्वालिटी पर खास जोर दिया गया है। एनालिस्ट्स का कहना है कि बैंक ने प्रोविजन और टैक्स से पहले के प्रॉफिट (PPoP) में 7% का सरप्लस हासिल किया है, जिसका मुख्य कारण कोर रेवेन्यू में हुई बढ़ोतरी है। यह बात इसलिए अहम है क्योंकि कुछ दूसरे बैंकों ने हालिया तिमाही में अपने ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस (खर्चों) को कम करके बॉटम लाइन को बेहतर दिखाया था। लेकिन ICICI Bank ने अपने ऑपरेशनल खर्चों से ज्यादा तेजी से अपनी कोर इनकम को बढ़ाया है, जिससे यह साफ होता है कि बैंक की मुख्य लेंडिंग एक्टिविटीज़ में एफिशिएंसी बढ़ी है।
लोन बुक में लगातार उछाल
बैंक की लोन बुक में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है, जो लगातार चौथी तिमाही है जब इसमें सुधार दर्ज किया गया है। लेटेस्ट आंकड़ों के मुताबिक, पिछले तिमाही के मुकाबले लोन में 5% का इजाफा हुआ है, जबकि पिछले साल इसी अवधि के मुकाबले यह 20% बढ़ा है। इस Momentum को देखते हुए, ब्रोकरेज ने फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) के लिए लोन ग्रोथ के अनुमान को 200 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 17% (ईयर-ऑन-ईयर) कर दिया है। वहीं, फी इनकम में भी तिमाही के दौरान 7.5% की ग्रोथ दर्ज की गई, जबकि फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में अक्सर बैंकिंग एक्टिविटीज धीमी रहती हैं। यह दिखाता है कि बैंक कॉर्पोरेट, रिटेल और बिजनेस पार्टनरशिप सेग्मेंट्स के जरिए अच्छी इनकम जेनरेट करने में कामयाब रहा है।
प्रोविजनिंग और भविष्य की राह
एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस (ECL) प्रोविजनिंग के असर के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंक के पास पर्याप्त फाइनेंशियल बफर है, जिससे वह इन खर्चों को बिना लॉन्ग-टर्म अर्निंग्स को ज्यादा नुकसान पहुंचाए मैनेज कर सकता है। रेगुलेटरी प्रोविजनिंग की वजह से बैंकिंग फाइनेंसियल्स में बदलाव आ सकते हैं, लेकिन इस एनालिसिस के मुताबिक ICICI Bank के लिए ये असर मैनेजेबल रहेंगे। इन नतीजों के बाद, ब्रोकरेज ने FY27 और FY28 के लिए बैंक के कोर प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) अनुमानों को औसतन 5% बढ़ाया है।
निवेशकों के लिए, लोन ग्रोथ की सस्टेनेबिलिटी और आने वाली तिमाहियों में फी इनकम को मैनेज करने की बैंक की क्षमता मुख्य मॉनिटर करने योग्य बातें रहेंगी। हालांकि ब्रोकरेज का नज़रिया पॉजिटिव है, लेकिन असली परफॉरमेंस रिटेल और कॉर्पोरेट लेंडिंग स्पेस में लगातार डिमांड और व्यापक इकोनॉमिक इंटरेस्ट रेट के माहौल में संभावित बदलावों के मुकाबले बैंक की प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करेगी।
