ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Zydus Lifesciences पर 'Accumulate' रेटिंग बरकरार रखी है और इसका टारगेट प्राइस **₹1,200** तय किया है। हालांकि कंपनी अपने कॉम्प्लेक्स प्रोडक्ट्स पर दांव लगा रही है, लेकिन भारी रिसर्च खर्च के चलते मुनाफे में आई गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
टारगेट प्राइस और ब्रोकरेज की राय
ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Zydus Lifesciences पर अपना भरोसा जताते हुए 'Accumulate' रेटिंग कायम रखी है और शेयर के लिए ₹1,200 का टारगेट प्राइस सेट किया है। वर्तमान में यह शेयर बाजार की उतार-चढ़ाव के बीच ₹1,195 के स्तर के आसपास ट्रेड कर रहा है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का भविष्य उनके कॉम्प्लेक्स पोर्टफोलियो (जैसे कि इंजेक्टेबल्स और बायोसिमिलर्स) पर निर्भर करेगा, जो अगले 3 साल में ग्रोथ का मुख्य जरिया बनेंगे।
भविष्य की योजनाएं
कंपनी का मैनेजमेंट अब पुरानी रेवेन्यू स्ट्रीम्स से आगे बढ़कर नई राह तलाश रहा है। अगले 24 से 36 महीनों में कंपनी कई नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने की तैयारी में है। खास तौर पर FY27 और FY28 के दौरान दो से तीन बड़े प्रोडक्ट्स का आना अमेरिका जैसे कॉम्पिटिटिव मार्केट में कंपनी की पकड़ मजबूत कर सकता है।
वित्तीय नतीजों का विश्लेषण
कंपनी के हालिया फाइनेंशियल रिजल्ट्स मिले-जुले रहे हैं। Q2 FY27 में रेवेन्यू 29% बढ़कर ₹79,096 मिलियन पर पहुंच गया, लेकिन नेट प्रॉफिट में 27% की भारी गिरावट देखी गई और यह ₹9,255 मिलियन पर सिमट गया। मुनाफे में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में किया गया भारी खर्च है। कंपनी ने इस तिमाही में ₹6,573 मिलियन R&D पर खर्च किए, जो कुल रेवेन्यू का 8.3% है।
जोखिम और चुनौतियां
इन भारी निवेशों के कारण, ब्रोकरेज ने FY28 और FY29 के लिए अर्निंग पर शेयर (EPS) अनुमानों को 4% से 8% तक कम कर दिया है। हालांकि कंपनी की बैलेंस शीट काफी मजबूत है और इसका नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.19x है, लेकिन बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या ये निवेश समय पर मुनाफे में बदल पाएंगे। निवेशकों को कंपनी के 24% के EBITDA मार्जिन और रेगुलेटरी अप्रूवल्स की टाइमलाइन पर खास ध्यान रखने की जरूरत है।
