Max Healthcare Share: ब्रोकरेज ने जताया भरोसा, दिया ₹1,080 का Target

BROKERAGE-REPORTS
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Max Healthcare Share: ब्रोकरेज ने जताया भरोसा, दिया ₹1,080 का Target

ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Max Healthcare Institute पर अपना 'Buy' रेटिंग बरकरार रखा है और शेयर के लिए **₹1,080** का टारगेट प्राइस सेट किया है। Q2 FY27 में कंपनी ने **20%** की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, हालांकि ऑन्कोलॉजी सेगमेंट में कुछ बदलाव देखने को मिले हैं।

मजबूत नतीजों के बाद ब्रोकरेज की मुहर

Prabhudas Lilladher ने Max Healthcare पर अपना पॉजिटिव रुख बरकरार रखते हुए ₹1,080 का टारगेट दिया है। यह रिपोर्ट कंपनी के हालिया फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर आधारित है, जहां ऑपरेशंस में काफी मजबूती देखी गई है।

Q2 FY27 की परफॉर्मेंस पर एक नजर

कंपनी ने दूसरी तिमाही में 20% की शानदार ईयर-ऑन-ईयर रेवेन्यू ग्रोथ हासिल की है, जिससे कंपनी का रेवेन्यू ₹3,219 करोड़ तक पहुंच गया है। इसके अलावा, ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA में 18% का उछाल आया है और यह ₹820 करोड़ रहा, जबकि ऑपरेटिंग मार्जिन 26.8% के करीब दर्ज किया गया है। यह आंकड़ें बताते हैं कि स्केल बढ़ाने के बावजूद कंपनी अपनी एफिशिएंसी को बेहतर बनाए हुए है।

ऑन्कोलॉजी सेगमेंट में बदलाव

ग्रोथ के बीच, कंपनी अपने ऑन्कोलॉजी बिजनेस में एक ट्रांजिशन फेज से गुजर रही है। इनपेशेंट रेवेन्यू में ऑन्कोलॉजी की हिस्सेदारी पिछले साल के 26% से गिरकर 21% पर आ गई है। इसका मुख्य कारण CGHS के तहत आने वाले मरीजों के लिए कुछ चुनिंदा हाई-वैल्यू कीमोथेरेपी दवाओं का बंद होना है। आने वाली तिमाहियों में इस सेगमेंट के रेवेन्यू ट्रेंड्स पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।

भविष्य की योजनाएं और एक्सपेंशन

ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए, Max Healthcare इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा दांव लगा रही है। कंपनी ने ₹415 करोड़ के कैपिटल स्पेंडिंग को मंजूरी दी है, जिसके जरिए मौजूदा अस्पतालों में 209 ब्राउनफील्ड बेड जोड़े जाएंगे। यह कंपनी की अगले चार से पांच सालों में अपनी बेड कैपेसिटी को दोगुना करने की रणनीति का हिस्सा है।

निवेशक अब सरकारी हेल्थकेयर स्कीमों में प्राइसिंग रिवीजन पर भी ध्यान दे रहे हैं, जिसका मार्जिन पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, NCR जैसे कॉम्पिटिटिव रीजन में लागत को कंट्रोल करना और सर्विस क्वालिटी को बनाए रखना कंपनी के लिए भविष्य में एक बड़ी चुनौती बना रहेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.