Bank of Baroda के नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने स्टॉक पर अपनी राय बरकरार रखी है। हालांकि बैंक का नेट प्रॉफिट **36%** उछला है, लेकिन इसके पीछे NSE में हिस्सेदारी बेचने से मिला वन-टाइम गेन मुख्य वजह रहा है।
नतीजों का विश्लेषण
Prabhudas Lilladher ने Bank of Baroda पर 'Accumulate' रेटिंग बनाए रखी है और शेयर के लिए ₹280 का टारगेट प्राइस तय किया है। बैंक ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में ₹6,532 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर 36% की बढ़त है। हालांकि, इस मुनाफे में ₹1,340 करोड़ का बड़ा योगदान NSE में हिस्सेदारी बेचने से आया है।
मार्जिन पर दबाव
बैंक के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM), जो बैंक की कमाई का मुख्य जरिया है, पिछले साल के 2.96% से घटकर इस तिमाही में 2.74% रह गया है। बढ़ते ऑपरेटिंग खर्चों के कारण मुख्य कारोबार (Core Business) की ग्रोथ पर भी दबाव बना हुआ है।
मैनेजमेंट की रणनीति
मैनेजमेंट ने NSE से मिली रकम का इस्तेमाल भविष्य की संभावित क्रेडिट हानि (Credit Loss) को कवर करने के लिए किया है। बैंक ने इस साल 13% से 15% क्रेडिट ग्रोथ और 11% से 13% डिपॉजिट ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, बैंक ने उन रिपोर्ट्स को खारिज किया है जिसमें डॉ. बीआर शेट्टी द्वारा कानूनी नोटिस मिलने की चर्चा थी। आगे के लिए निवेशकों को बैंक के लोन-टू-डिपॉजिट रेशियो (LDR) और मार्जिन में स्थिरता पर कड़ी नजर रखनी होगी।
