प्रभुदास लीलाधर (Prabhudas Lilladher) ने Aditya Birla Sun Life AMC पर कवरेज शुरू की है। इक्विटी मार्केट शेयर में सुधार और नॉन-म्यूचुअल फंड बिजनेस की तेज रफ्तार को देखते हुए इसे 'Buy' रेटिंग दी गई है।
ब्रोकरेज हाउस प्रभुदास लीलाधर ने Aditya Birla Sun Life AMC (ABSL AMC) के शेयरों पर दांव लगाते हुए ₹1,200 का टारगेट प्राइस तय किया है। यह लक्ष्य सितंबर 2028 की अनुमानित कमाई को ध्यान में रखकर रखा गया है। कंपनी का नेट इक्विटी फ्लो, जो 2026 में महज 0.3% था, वह अब बढ़कर 1.2% हो गया है, जो कंपनी की मजबूत पकड़ को दर्शाता है।
क्यों तेजी की उम्मीद?
विश्लेषकों के मुताबिक, दो मुख्य वजहें कंपनी को आगे ले जा सकती हैं। पहली, कंपनी का इक्विटी एसेट्स पर फोकस बढ़ा है, जो मुनाफे के लिहाज से बेहतर हैं। दूसरी, नॉन-म्यूचुअल फंड रेवेन्यू में 2022 से 2026 के बीच सालाना 24% की जोरदार ग्रोथ देखी गई है। साथ ही, डिस्ट्रिब्यूशन कमीशन पर बेहतर कंट्रोल के जरिए कंपनी ने अपने मार्जिन को सुरक्षित रखा है। उम्मीद है कि साल 2029 तक इक्विटी एसेट्स में 18% की ग्रोथ बनी रहेगी, जिससे नेट प्रॉफिट में 20% की तेजी आ सकती है।
पीयर्स के मुकाबले सस्ता शेयर
HDFC AMC, ICICI Prudential AMC और Nippon Life India Asset Management जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की तुलना में यह स्टॉक काफी आकर्षक वैल्यूएशन पर मिल रहा है। यह अपने अनुमानित मुनाफे के 24 गुना और 20 गुना के मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है, जबकि इंडस्ट्री के अन्य बड़े खिलाड़ी कहीं ज्यादा महंगे हैं।
रिस्क फैक्टर भी समझें
निवेशकों को यह नहीं भूलना चाहिए कि म्यूचुअल फंड सेक्टर पर हमेशा रेगुलेटरी दबाव रहता है। 'टोटल एक्सपेंस रेश्यो' (TER) को लेकर अक्सर नए नियम आते हैं, जो कमाई को सीमित कर सकते हैं। इसके अलावा, पैसिव इन्वेस्टमेंट (ETFs और Index Funds) के बढ़ते चलन से मैनेजमेंट फीस पर भी दबाव है। मार्केट में गिरावट का सीधा असर एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) पर पड़ सकता है, जिससे कंपनी की इनकम घट सकती है।
