आईटी दिग्गज Infosys के लिए ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर ने अपना नजरिया बदलते हुए शेयर को 'Accumulate' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस को घटाकर **₹1,200** कर दिया है। कंपनी के कमजोर वॉल्यूम ग्रोथ और मार्जिन दबाव के कारण यह फैसला लिया गया है।
ब्रोकरेज फर्म प्रभुदास लीलाधर ने Infosys की रेटिंग को 'Accumulate' में बदल दिया है और इसके टारगेट प्राइस को पहले के ₹1,300 से घटाकर अब ₹1,200 कर दिया है। यह कदम कंपनी के दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद उठाया गया है, जहां कंपनी ने 1.2% की कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जो बाजार की उम्मीदों से कम रही।
क्यों कम हुआ भरोसा?
इस गिरावट की मुख्य वजह आईटी सेक्टर में वॉल्यूम ग्रोथ और प्राइसिंग प्रेशर है। ब्रोकरेज का मानना है कि क्लाइंट्स अपने फैसले लेने में अधिक समय ले रहे हैं, जिसका सीधा असर रिटेल और टेक्नोलॉजी सेगमेंट के डिस्क्रीशनरी खर्चों पर पड़ रहा है। ग्लोबल स्तर पर कंपनियां अपने टेक्नोलॉजी बजट का रिव्यू कर रही हैं, जिससे पारंपरिक सर्विस प्राइसिंग स्ट्रक्चर पर दबाव बढ़ गया है।
मार्जिन और गाइडेंस का गणित
Infosys का EBIT मार्जिन दूसरी तिमाही में 21.0% रहा, जबकि एनालिस्ट 21.5% की उम्मीद कर रहे थे। इसके साथ ही, कंपनी ने FY27 के लिए अपनी रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को घटाकर 1% से 2% कर दिया है। ब्रोकरेज को डर है कि आगामी वेज हाइक (Wage Hikes) और सीजनल फरलो (Furloughs) के कारण आने वाले फाइनेंशियल इयर्स (FY27 से FY29) में मार्जिन 20.8% से 21.3% के दायरे में रह सकता है।
बड़ी डील का सहारा
माहौल चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद कंपनी के पास एक बड़ा डील पाइपलाइन है, जिसमें हाल ही में साइन की गई $2 बिलियन की मेगा-डील शामिल है। उम्मीद है कि चौथी तिमाही (FY27) से इसका असर रेवेन्यू पर दिखने लगेगा। हालांकि, ब्रोकरेज ने यह भी संकेत दिया है कि मौजूदा डिमांड चुनौतियों के मुकाबले शेयर का वैल्यूएशन अभी भी थोड़ा महंगा लग रहा है।
