Polycab India Share: रिकॉर्ड प्रॉफिट के बावजूद 12% गिरा शेयर, क्यों हुई बिकवाली?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Polycab India Share: रिकॉर्ड प्रॉफिट के बावजूद 12% गिरा शेयर, क्यों हुई बिकवाली?

Polycab India के निवेशकों के लिए मिली-जुली खबरें हैं। जून में अपने रिकॉर्ड हाई से 12.5% टूटकर शेयर ₹8,861 पर आ गए हैं। यह गिरावट तब आई है जब कंपनी ने Q1FY27 में अपने नेट प्रॉफिट में 32.8% की जोरदार बढ़ोतरी के साथ ₹796.65 करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया है। ऐसा लगता है कि पिछले तीन महीनों में 48% की तेजी के बाद निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं।

Q1FY27 में Polycab ने रचा इतिहास

30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के नतीजे शानदार रहे हैं। Polycab ने न केवल सबसे बड़ा तिमाही नेट प्रॉफिट, बल्कि रिकॉर्ड रेवेन्यू और EBITDA भी दर्ज किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि के ₹599.70 करोड़ की तुलना में 32.8% बढ़कर ₹796.65 करोड़ हो गया। वहीं, रेवेन्यू में 39% की उछाल के साथ यह ₹8,209.70 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि EBITDA 32% बढ़कर ₹1,136.20 करोड़ रहा।

किस सेगमेंट से हुई कमाई?

इस ग्रोथ का मुख्य श्रेय कंपनी के सबसे बड़े सेगमेंट, वायर्स एंड केबल्स (Wires and Cables) को जाता है, जिसने रेवेन्यू में 37.7% की वृद्धि दर्ज की और ₹7,201.79 करोड़ का आंकड़ा छुआ। इसके अलावा, फास्ट-मूविंग इलेक्ट्रिकल गुड्स (FMEG) सेगमेंट ने भी 67.6% रेवेन्यू ग्रोथ के साथ ₹761.15 करोड़ का प्रदर्शन किया। हालांकि, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) बिजनेस में 11.4% की गिरावट आई और यह ₹307.74 करोड़ रहा।

ब्रोकरेज की राय और मार्केट का नज़रिया

शेयरों में हालिया गिरावट के बावजूद, कई एनालिस्ट Polycab के बिजनेस मॉडल को लेकर पॉजिटिव हैं। JM Financial Institutional Securities ने कहा कि Q1 के नतीजे उनके अनुमानों से बेहतर थे, खासकर वायर्स और केबल्स व FMEG सेगमेंट की ग्रोथ। उन्होंने 'Buy' रेटिंग और ₹10,700 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर ट्रांसमिशन में निवेश से लॉन्ग-टर्म फायदे की ओर इशारा करता है। इसी तरह, Equirus Securities ने ₹10,213 के टारगेट प्राइस के साथ 'Add' रेटिंग दी है।

एनालिस्ट्स कंपनी की मजबूत एग्जीक्यूशन क्षमता और डेटा सेंटर्स व प्राइवेट इंफ्रास्ट्रक्चर में विस्तार की सराहना करते हैं। हालांकि, वे यह भी मानते हैं कि शेयर की पिछली वैल्यूएशन में इन खूबियों का बड़ा हिस्सा पहले ही शामिल था। Equirus Securities का कहना है कि वॉल्यूम ग्रोथ तो अच्छी रहने की उम्मीद है, लेकिन पिछले साल की तुलना में हाई बेस इफेक्ट के कारण आने वाली तिमाहियों में प्रॉफिट पर दबाव दिख सकता है। निवेशक अब लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की संभावनाओं और मौजूदा वैल्यूएशन के बीच संतुलन बना रहे हैं, जिसने मुनाफे की बुकिंग को ट्रिगर किया है। शेयरधारकों के लिए मुख्य बात यह होगी कि क्या कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपने मार्जिन्स और ग्रोथ की रफ्तार बनाए रख पाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.