Piramal Pharma ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में सबको चौंकाते हुए **₹5 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। बाजार को जहां कंपनी से भारी नुकसान की उम्मीद थी, वहीं CDMO और हॉस्पिटल जेनेरिक्स बिजनेस में आई तेजी ने बाजी पलट दी है।
मुनाफे का 'टर्नअराउंड'
पिछले 5 तिमाहियों से सुस्त प्रदर्शन कर रही Piramal Pharma ने इस बार बाजी पलट दी है। कंपनी ने दूसरी तिमाही में ₹5 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, जबकि बाजार को ₹68.4 करोड़ के बड़े नुकसान का अनुमान था। यह शानदार प्रदर्शन कंपनी के बिजनेस मॉडल में आए सुधार का संकेत है।
किन सेगमेंट्स ने भरी उड़ान?
कंपनी की इस कामयाबी के पीछे मुख्य रूप से दो बिजनेस सेगमेंट रहे हैं—CDMO और Complex Hospital Generics (CHG)। बेहतर ऑपरेटिंग लेवरेज और लागत पर सख्त नियंत्रण के कारण कंपनी अपना रेवेन्यू ग्रोथ को मुनाफे में बदलने में सफल रही है। ऑपरेटिंग प्रॉफिट के मोर्चे पर कंपनी ने अनुमानों को काफी पीछे छोड़ दिया है।
ब्रोकरेज की राय और टारगेट
नतीजों के बाद Motilal Oswal Financial Services ने स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग दी है और ₹270 का टारगेट प्राइस सेट किया है। ब्रोकरेज ने कंपनी के विभिन्न बिजनेस यूनिट्स का अलग-अलग मूल्यांकन (SOTP Analysis) किया है, जिसमें CDMO, हॉस्पिटल जेनेरिक्स और इंडिया कंज्यूमर हेल्थकेयर शामिल हैं।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हालांकि तिमाही नतीजे अच्छे रहे हैं, लेकिन CDMO बिजनेस का स्वरूप थोड़ा अलग होता है। इसमें अक्सर बड़े ग्लोबल क्लाइंट्स के ऑर्डर पर निर्भरता होती है, जिससे रेवेन्यू और प्रॉफिट का पैटर्न कभी-कभी 'लंपी' (अनियमित) हो सकता है। भविष्य की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी ग्लोबल कॉन्ट्रैक्ट्स को कितनी कुशलता से पूरा करती है और अपने कर्ज को कैसे मैनेज करती है।
