Piramal Finance ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए नेट प्रॉफिट में **67%** की धमाकेदार बढ़त दर्ज की है। कंपनी अपने बिजनेस मॉडल को पूरी तरह से रिटेल-केंद्रित बनाने की राह पर है।
मुनाफे की रफ्तार और रिटेल पर फोकस
Piramal Finance ने इस बार ₹5.4 अरब का नेट प्रॉफिट कमाया है। कंपनी की ग्रोथ के पीछे उनकी नई स्ट्रैटेजी है, जिसके तहत वे अब पुराने थोक (Wholesale) और कॉर्पोरेट लोन के बिजनेस से हटकर पूरी तरह से रिटेल लोन पर ध्यान दे रहे हैं। इसी बदलाव की वजह से कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 24% की बढ़ोतरी हुई है, जिसमें रिटेल पोर्टफोलियो 30% की दर से बढ़ा है।
लेगेसी बुक का खात्मा
कंपनी अपनी पुरानी थोक लोन की बुक को तेजी से कम कर रही है। इसमें 32% की तिमाही गिरावट दर्ज की गई है, और अब यह कुल एसेट्स का मात्र 1.5% हिस्सा रह गया है। ब्रोकरेज फर्म Nomura ने इस बदलाव की तारीफ करते हुए स्टॉक पर भरोसा जताया है और इसका टारगेट प्राइस ₹2,550 तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की अंडरराइटिंग बेहतर हुई है और क्रेडिट कॉस्ट 1.1% के स्थिर स्तर पर है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
सब कुछ अच्छा दिखने के बावजूद, कुछ रिस्क फैक्टर्स पर नजर रखना जरूरी है। मैनेजमेंट ने दक्षिण भारत में IT सेक्टर के कर्मचारियों के मॉर्टगेज पोर्टफोलियो में शुरुआती तनाव के संकेत दिए हैं। हालांकि यह समस्या अभी सीमित है, लेकिन निवेशकों के लिए यह आने वाली तिमाहियों में एक बड़ा 'वॉच' पॉइंट होगा। इसके अलावा, डिजिटल लेंडिंग में भी ओवरड्यू पेमेंट में मामूली बढ़ोतरी देखी गई है, जिसे कंपनी 90% तक 'फर्स्ट-लॉस डिफॉल्ट गारंटी' के जरिए कवर कर रही है।
वर्तमान में, कंपनी 1.4 के प्राइस-टू-बुक वैल्यू पर ट्रेड कर रही है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या रिटेल पोर्टफोलियो के बढ़ते स्केल के साथ कंपनी अपने एसेट क्वालिटी को बनाए रख पाती है या नहीं।
