ICICI Securities ने दिग्गज फार्मा कंपनी Pfizer पर अपनी 'Buy' रेटिंग को बरकरार रखा है, लेकिन शेयर का टारगेट प्राइस ₹6,000 से घटाकर ₹4,800 कर दिया है। कंपनी के Q2 FY27 नतीजों में रेवेन्यू में इजाफा हुआ है, लेकिन प्रॉफिट में वन-टाइम गेन का बड़ा असर दिखा है।
टारगेट में कटौती क्यों?
ICICI Securities ने Pfizer Limited के लिए अपनी 'Buy' सलाह तो जारी रखी है, लेकिन शेयर का टारगेट प्राइस घटाकर ₹4,800 कर दिया है। ब्रोकरेज ने इसके पीछे तर्क दिया है कि अब वे कंपनी के लिए 24x के पीई मल्टीपल (P/E multiple) का उपयोग कर रहे हैं, जो पहले 28x था। यह बदलाव एक अधिक सतर्क मूल्यांकन रणनीति का हिस्सा है।
Q2 नतीजों की इनसाइड स्टोरी
फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। Pfizer का रेवेन्यू ₹726.86 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 13.2% अधिक है। वहीं, नेट प्रॉफिट ₹313.25 करोड़ पर पहुंच गया, जिसमें साल-दर-साल 65.7% का उछाल दर्ज किया गया। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इस मुनाफे में Minipress XL ब्रांड को बंद करने से हुआ ₹132.06 करोड़ का वन-टाइम गेन भी शामिल है।
ऑपरेशन्स और चुनौतियां
Minipress XL को भारत में बंद करने का फैसला ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग बदलावों के तहत लिया गया है। कंपनी को Magnex और Eliquis जैसे कोर ब्रांड्स से अच्छी ग्रोथ मिल रही है, साथ ही Prevenar 20 वैक्सीन को भी बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।
हालांकि, मुनाफे पर दबाव भी है। ग्रॉस मार्जिन में 541 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई है, जिसका मुख्य कारण लो-मार्जिन वाले उत्पादों की बढ़ती हिस्सेदारी है। कंपनी ने ऑपरेटिंग खर्चों पर सख्ती से कंट्रोल करके स्थिति को संभालने की कोशिश की है। फिलहाल, कंपनी के पास ₹31.7 बिलियन का कैश और कैश इक्विवेलेंट मौजूद है, जो मुश्किल समय में एक सुरक्षा कवच का काम करेगा। भविष्य में कंपनी के लिए 'नेशनल लिस्ट ऑफ एसेंशियल मेडिसिन्स' (NLEM) के तहत रेगुलेटरी प्राइसिंग और नए प्रोडक्ट्स को पेश करना सबसे बड़ी चुनौती रहेगी।
