ICICI Securities ने Persistent Systems पर 'होल्ड' रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर के लिए **₹5,670** का टारगेट प्राइस सेट किया है। कंपनी ने **7.8%** की तिमाही रेवेन्यू ग्रोथ जरूर दर्ज की है, लेकिन बढ़ती मजदूरी लागत से मार्जिन पर दबाव दिख रहा है।
ग्रोथ और चुनौतियों का मिला-जुला असर
Persistent Systems ने हाल ही में अपने नतीजों में 7.8% की तिमाही-दर-तिमाही रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। इस मजबूती के पीछे मुख्य रूप से Hitech और BFSI सेक्टर का बड़ा हाथ रहा है। हालांकि, इन मजबूत आंकड़ों के बावजूद ICICI Securities ने स्टॉक पर 'होल्ड' रेटिंग जारी रखी है और ₹5,670 का टारगेट दिया है। यह वैल्यूएशन कंपनी की 2029 के मध्य तक की अनुमानित कमाई पर आधारित है।
मार्जिन पर बढ़ा दबाव
कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 15% पर स्थिर रहा है। प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव के पीछे सबसे बड़ी वजह सालाना वेज हाइक (Wage Hike) और बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए इस्तेमाल होने वाले थर्ड-पार्टी सॉफ्टवेयर लाइसेंस की बढ़ती लागत है। इसके अलावा, Healthcare और Lifesciences सेगमेंट में लगातार दूसरी तिमाही सुस्ती देखी गई है, जो चिंता का विषय है। वहीं, यूरोप के बाजार में भी कंपनी के रेवेन्यू में 10% की गिरावट आई है, जिसका कारण वहां के कुछ क्लाइंट्स की समस्याएं बताई जा रही हैं।
नए ऑर्डर्स और डील क्लोजर
कंपनी ने इस तिमाही में $600 मिलियन की टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) हासिल की है। हालांकि, सितंबर के आखिरी हफ्तों में क्लाइंट्स के निर्णय लेने की गति धीमी होने के कारण कुछ बड़ी डील अगले क्वार्टर के लिए टल गई हैं। यह ट्रेंड फिलहाल पूरे IT सेक्टर में देखा जा रहा है, जहां ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितता के चलते क्लाइंट्स खर्च करने में सावधानी बरत रहे हैं।
आने वाले समय में निवेशकों की नजर यूरोप की चुनौतियों से निपटने की क्षमता, हेल्थकेयर सेगमेंट में रिकवरी और नए ऑर्डर्स के बंद होने की रफ्तार पर टिकी रहेगी।
