ICICI Securities ने Persistent Systems पर 'होल्ड' रेटिंग बनाए रखी है और ₹5,280 का टारगेट प्राइस दिया है। कंपनी AI प्रोजेक्ट्स में शानदार ग्रोथ दिखा रही है, लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा वैल्यूएशन में शॉर्ट-टर्म में ज्यादा तेजी की गुंजाइश कम है।
Persistent Systems पर ब्रोकरेज की राय
ICICI Securities ने Persistent Systems के नतीजों के बाद कंपनी पर अपनी 'होल्ड' रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज फर्म ने शेयर के लिए ₹5,280 का टारगेट प्राइस तय किया है। यह रेटिंग कंपनी की मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और मौजूदा मार्केट प्राइस के बीच एक संतुलित नजरिया दिखाती है।
AI और नई डील में दमदार ग्रोथ
कंपनी ने लगातार 4.1% की क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर रेवेन्यू ग्रोथ (कांस्टेंट करेंसी में) दर्ज की है, जो इंडस्ट्री में सबसे अच्छी मानी जा रही है। नए बिजनेस में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई है, जिसमें टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) में 120% और एनुअल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (ACV) में 39% का सालाना उछाल देखा गया है।
इस ग्रोथ का एक बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर कंपनी का फोकस है। Persistent Systems अपने AI प्लेटफॉर्म से रेवेन्यू जेनरेट कर रही है, जो कई दूसरी कंपनियों से अलग है। वर्कफोर्स को भी AI, मशीन लर्निंग और जनरेटिव AI में ट्रेन किया गया है, सर्टिफाइड कर्मचारियों का प्रतिशत 18% से बढ़कर 33% हो गया है। कंपनी ने डेटा, एनालिटिक्स और AI फील्ड्स में 139 पेटेंट फाइलिंग पर भी काम किया है।
वैल्यूएशन पर चिंता
इन शानदार ऑपरेशनल नतीजों के बावजूद, ICICI Securities का मानना है कि Persistent Systems का स्टॉक फिलहाल अपने ऐतिहासिक औसत और सेक्टर के दूसरे स्टॉक्स के मुकाबले प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। ब्रोकरेज ने कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ में लगातार बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए वैल्यूएशन मल्टीपल को 30x से बढ़ाकर 32x कर दिया है।
लेकिन, फिस्कल ईयर 2028 के लिए अनुमानित ₹165 प्रति शेयर की अर्निंग पर यह मल्टीपल लगाने के बाद जो टारगेट प्राइस आता है, वह बताता है कि स्टॉक की कीमत में उम्मीद की जा रही ग्रोथ का एक बड़ा हिस्सा पहले से ही शामिल है। इसी वजह से, ब्रोकरेज को शॉर्ट-टर्म में स्टॉक में ज्यादा बड़ी तेजी की उम्मीद कम है।
निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या कंपनी AI से रेवेन्यू बढ़ाने का यह मोमेंटम जारी रख पाती है और क्या वह AI टैलेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश की लागत को मैनेज करते हुए नए डील्स जीतना जारी रख पाती है।
