Persistent Systems ने Q2 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **$488 मिलियन** रहा, जो अनुमान से बेहतर है, हालांकि Nagarro के अधिग्रहण खर्च के कारण EBIT मार्जिन **15%** पर सिमट गया है।
रेवेन्यू में दमदार प्रदर्शन
Persistent Systems के लिए दूसरी तिमाही का प्रदर्शन टॉप-लाइन के लिहाज से काफी शानदार रहा। कंपनी ने $488 मिलियन का रेवेन्यू हासिल किया, जिसने $475 मिलियन के अनुमान को पीछे छोड़ दिया। कॉन्स्टेंट करेंसी टर्म्स में देखें तो इसमें तिमाही-दर-तिमाही 7.8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मार्जिन पर क्यों पड़ा दबाव?
रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद बॉटम-लाइन पर थोड़ा दबाव दिखा। कंपनी का EBIT मार्जिन 15% रहा, जो 15.6% के अनुमान से कम था। इसके पीछे मुख्य वजह Nagarro का अधिग्रहण है, जिसके चलते कंपनी को ₹1.9 अरब का एकमुश्त खर्च उठाना पड़ा। हालांकि, इन खर्चों को हटाकर देखें तो कंपनी का प्रॉफिट ट्रैक काफी हेल्दी है। छमाही आधार पर एडजस्टेड EBIT और नेट प्रॉफिट में क्रमशः 25.7% और 9% की ग्रोथ देखी गई है।
ऑर्डर बुक और ब्रोकरेज की राय
कंपनी का टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू $634 मिलियन रहा, और बुक-टू-बिल रेशियो 1.3x पर स्थिर बना हुआ है, जो भविष्य की मजबूत डिमांड का संकेत है। इस प्रदर्शन से खुश होकर ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग दी है और ₹6,700 का टारगेट रखा है।
आगे की राह
कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही के लिए बेहतर प्रदर्शन का अनुमान जताया है। रेवेन्यू, एडजस्टेड EBIT और एडजस्टेड प्रॉफिट में 26% तक की ग्रोथ की उम्मीद है। निवेशकों की नजर अब इस पर होगी कि क्या Nagarro के एकीकरण के बाद मार्जिन में सुधार आता है और कंपनी अपने मजबूत ऑर्डर बुक को मुनाफे में बदल पाती है या नहीं।
