Paradeep Phosphates पर ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने 'Accumulate' रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹148 का टारगेट दिया है। कंपनी के सामने कच्चे माल की बढ़ती लागत और सब्सिडी मिलने में देरी जैसी चुनौतियां बरकरार हैं।
ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Paradeep Phosphates के शेयर पर 'Accumulate' रेटिंग बरकरार रखी है और इसका टारगेट प्राइस ₹148 तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी जिस तरह से बैकवर्ड इंटीग्रेशन और अपनी उत्पादन क्षमता (Production Capacity) को बढ़ाने पर काम कर रही है, वह भविष्य में ग्रोथ के लिए मददगार साबित होगा, भले ही फिलहाल कंपनी को ऑपरेशनल दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हो।
वित्तीय प्रदर्शन और चुनौतियां
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू साल-दर-साल 7.2% बढ़कर ₹7,364 करोड़ रहा, लेकिन मुनाफे पर भारी दबाव दिखा। कंपनी का नेट प्रॉफिट 64.1% गिरकर ₹122 करोड़ पर आ गया। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA 38.3% घटकर ₹431 करोड़ रहा। मार्जिन पर इस दबाव की मुख्य वजह कच्चे माल, खासकर सल्फर की कीमतों में अस्थिरता और ₹60 करोड़ का वन-टाइम इन्वेंटरी राइट-डाउन है। हालांकि, मानसून की सुस्ती के बावजूद सेल्स वॉल्यूम 1 मिलियन टन पर स्थिर रहा, जो कंपनी की मजबूती को दर्शाता है।
एक्सपेंशन और वर्किंग कैपिटल रिस्क
कंपनी की लंबी अवधि की योजना वर्किंग एफिशिएंसी सुधारने की है। Paradeep फैसिलिटी में फॉस्फोरिक एसिड क्षमता को 0.5 मिलियन टन से बढ़ाकर 0.7 मिलियन टन प्रति वर्ष करने का काम चल रहा है, जिसके वित्त वर्ष 2028 की पहली तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद है। यह कदम कंपनी को इनपुट के लिए आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।
हालांकि, निवेशकों को तत्काल वित्तीय जोखिमों को भी समझना होगा। कंपनी पर कर्ज का स्तर बढ़ा है, जिसका कारण वर्किंग कैपिटल पर दबाव है। सरकार से मिलने वाली सब्सिडी (NBS) का ₹67 अरब का हिस्सा अभी भी बकाया है। सब्सिडी मिलने में देरी सीधे तौर पर कंपनी के कैश फ्लो और कर्ज चुकाने की क्षमता को प्रभावित कर रही है। फिलहाल शेयर ₹133 से ₹134 के दायरे में ट्रेड कर रहा है, ऐसे में बाजार की नजरें इन्वेंटरी सामान्य होने और सरकारी सब्सिडी भुगतान पर टिकी हैं।
