ब्रोकरेज फर्म PL Capital ने Nifty 50 के लिए **12-महीने** का नया टारगेट **27,123** सेट किया है। हालांकि मजबूत क्रेडिट ग्रोथ का समर्थन है, लेकिन **14%** मानसून की कमी और बढ़ती लागत निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
बाजार की मजबूती और वैल्यूएशन
PL Capital का मानना है कि भारतीय बाजार में अभी भी काफी दम है। फिलहाल Nifty 17.3 के फॉरवर्ड अर्निंग मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके 15-साल के औसत 19.6 से लगभग 11.7% डिस्काउंट पर है। यह स्थिति लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर पैदा कर रही है।
जून तिमाही के नतीजे और मार्जिन का दबाव
जून 2026 की तिमाही के आंकड़ों पर नजर डालें, तो ऑयल और गैस सेक्टर को छोड़कर बिक्री में 15.5% और मुनाफे में 17% की ग्रोथ दर्ज की गई है। लेकिन यहाँ एक पेंच है—कंपनियों के EBITDA मार्जिन में 148 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई है। बढ़ती कच्चे माल की लागत का असर आने वाली तिमाहियों में और भी साफ दिख सकता है।
मानसून और महंगाई का खतरा
देश में 14% की मानसून कमी चिंता बढ़ा रही है। El Niño पैटर्न के कारण पाम ऑयल, कॉफी और सोयाबीन जैसी चीजों के दाम बढ़ सकते हैं, जिससे फूड इन्फ्लेशन का खतरा बना हुआ है।
सेक्टर वार रणनीति और RBI का रुख
PL Capital ने बैंकिंग, डिफेंस, मेटल्स और हेल्थकेयर जैसे सेक्टरों को 'ओवरवेट' रखा है, जबकि ऑटो, कंज्यूमर गुड्स और IT सेक्टर से दूरी बनाने की सलाह दी है। इसके अलावा, निवेशकों को Reserve Bank of India (RBI) के फैसलों पर नजर रखनी होगी, क्योंकि फाइनेंशियल ईयर के अंत तक 25 से 50 बेसिस पॉइंट्स की रेट हाइक की संभावना है। ब्रोकरेज ने Nifty के लिए 'बियर-केस' टारगेट 24,971 और 'बुल-केस' टारगेट 30,137 का दिया है।
