ब्रोकरेज फर्म PL Capital ने भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) के लिए बड़ा दांव खेला है। फर्म ने निफ्टी (Nifty) के लिए अपना एक साल का टारगेट बढ़ाकर **27,019** कर दिया है। यह बढ़त बेहतर मैक्रोइकॉनॉमिक्स (Macroeconomic conditions) और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के संकेतों को देखते हुए आई है।
निफ्टी में क्यों देखी जा रही है तेजी?
PL Capital का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। क्रेडिट ग्रोथ में 17% की बढ़ोतरी हुई है, जो रिटेल, कृषि और इंडस्ट्रियल सर्विसेज जैसे क्षेत्रों में मजबूत मांग को दर्शाती है। पिछले दो महीनों में निफ्टी में करीब 7.3% का उछाल आया है, और यह अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर से लगभग 8% ऊपर ट्रेड कर रहा है।
कमाई के अनुमान और सेक्टर पर राय
हालांकि, ब्रोकरेज फर्म ने FY27 और FY28 के लिए अपने कॉर्पोरेट कमाई के अनुमानों (Earnings estimates) को थोड़ा कम किया है, क्रमशः 0.9% और 0.4%। लेकिन, FY27 की पहली तिमाही में (तेल और गैस को छोड़कर) आफ्टर-टैक्स प्रॉफिट में 14% की वृद्धि की उम्मीद है। बैंकिंग, एनबीएफसी (NBFC), कैपिटल गुड्स, डिफेंस और हेल्थकेयर सर्विसेज जैसे सेक्टर इसमें सबसे आगे रह सकते हैं।
दूसरी ओर, आईटी सर्विसेज, केमिकल्स, सीमेंट, ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर स्टेपल्स जैसे सेक्टरों के लिए फर्म की राय थोड़ी सतर्क है।
बड़े खतरे जिन पर रखनी चाहिए नज़र
PL Capital ने कुछ ऐसे जोखिमों की ओर भी इशारा किया है जो बाजार की चाल को प्रभावित कर सकते हैं। इनमें सबसे ऊपर है पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव, जिससे सप्लाई चेन (Supply chain) और कमोडिटी (Commodity) की कीमतों में गड़बड़ी आ सकती है। इसके अलावा, अल नीनो (Super El Niño) जैसी मौसम संबंधी चिंताएं और लगातार बनी हुई महंगाई (Inflation) भी मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। अगर ये कारक बिगड़ते हैं, तो कॉर्पोरेट कमाई के अनुमानों में और कटौती हो सकती है।
