PL Capital ने भारतीय IT सेक्टर के लिए सुस्त दूसरी तिमाही (Q2) का अनुमान जताया है। ब्रोकरेज ने ग्लोबल रेट हाइक और जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच निवेशकों को लार्ज-कैप के बजाय चुनिंदा मिड-कैप IT और BPO स्टॉक्स पर ध्यान देने की सलाह दी है।
IT सेक्टर में सुस्ती की आहट
PL Capital की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही भारतीय IT कंपनियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी ने ग्लोबल कंपनियों के IT बजट को काफी प्रभावित किया है, जिससे खर्च में कटौती देखी जा रही है।
लार्ज-कैप बनाम मिड-कैप
ब्रोकरेज का मानना है कि लार्ज-कैप IT कंपनियां इस समय गंभीर स्ट्रक्चरल बदलावों से जूझ रही हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते असर ने पारंपरिक सेवाओं की प्राइसिंग पर दबाव बनाया है। इसके अलावा, यूरोप में ऑटोमोटिव सेक्टर से इंजीनियरिंग और R&D सेवाओं की मांग कमजोर है। यही कारण है कि Nifty IT इंडेक्स ने सितंबर 2026 में करीब 11% की गिरावट देखी थी, हालांकि अक्टूबर में कुछ सुधार हुआ है।
मिड-कैप स्टॉक्स पर भरोसा
PL Capital ने कुछ मिड-कैप IT और BPO कंपनियों के प्रति सकारात्मक रुख बनाए रखा है। इनमें प्रमुख नाम हैं:
- IT सेक्टर: Coforge, Mphasis और Persistent Systems
- BPO सेक्टर: Firstsource Solutions और Sagility
ब्रोकरेज के अनुसार, ये कंपनियां लगातार नए कॉन्ट्रैक्ट्स जीतने में सक्षम हैं, जो इन्हें मौजूदा मंदी से लड़ने में मदद कर रहा है।
निवेशकों के लिए जोखिम और सलाह
हालांकि मिड-कैप में ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इनमें से कई स्टॉक्स महंगे वैल्युएशन पर ट्रेड कर रहे हैं। Coforge जैसे शेयरों में हालिया बोर्ड-स्तर के बदलावों और ग्लोबल अनिश्चितताओं को देखते हुए रिस्क बना हुआ है। अब बाजार की नजरें कंपनियों के नतीजों और मैनेजमेंट की कमेंट्री पर होंगी, ताकि यह देखा जा सके कि वे AI के दौर में अपने मार्जिन को कैसे सुरक्षित रखती हैं।
