OmniScience Capital के CEO विकास गुप्ता ने IT और फार्मा शेयरों में निवेश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका मानना है कि उच्च वैल्युएशन और AI से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच अब बैंकिंग और पावर सेक्टर में निवेश करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
IT और Pharma में रिस्क क्यों बढ़ रहा है?
OmniScience Capital के CEO और चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट विकास गुप्ता ने चेतावनी दी है कि टेक्नोलॉजी और फार्मा सेक्टर में फिलहाल वैल्युएशन काफी अधिक हो गई है। उनका मानना है कि मौजूदा बाजार भाव में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से होने वाले असर को लेकर जो अनिश्चितताएं हैं, उन्हें पूरी तरह से नहीं आंका गया है। रिटेल निवेशकों के लिए ये सेक्टर अब तक ग्रोथ के इंजन रहे हैं, लेकिन अब रिस्क-रिवॉर्ड बैलेंस बिगड़ चुका है।
जियोपॉलिटिकल तनाव और महंगाई का साया
विकास गुप्ता का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव ग्लोबल इकॉनमी के लिए 2026 में बड़ा जोखिम है। इस वजह से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं, जो महंगाई को बढ़ाती हैं। महंगाई अधिक होने का मतलब है कि सेंट्रल बैंक ब्याज दरों में कटौती करने में संकोच करेंगे, जिसका सीधा दबाव टेक्नोलॉजी जैसे ग्रोथ-सेंसिटिव सेक्टर पर पड़ेगा।
डिफेंसिव सेक्टर में बदलें पोर्टफोलियो
मौजूदा माहौल से निपटने के लिए गुप्ता ने डिफेंसिव सेक्टर यानी बैंकिंग और पावर पर दांव लगाने का सुझाव दिया है। उनके अनुसार, ये सेक्टर अभी भी अंडरवैल्यूड (Undervalued) हैं और मार्केट की अस्थिरता के दौरान सुरक्षा कवच का काम कर सकते हैं। जहां बैंकों को स्टेबल क्रेडिट डिमांड का फायदा मिलता है, वहीं पावर सेक्टर में इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों के कारण स्थिरता बनी रहती है।
IPO और बाजार पर राय
भारत में जारी IPO की बाढ़ पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने निवेशकों को अनुशासन बनाए रखने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और भारतीय अर्थव्यवस्था में लॉन्ग टर्म क्षमता है, लेकिन हर लिस्टिंग में भाग लेना जोखिम भरा हो सकता है। गुप्ता के मुताबिक, लिस्टिंग के दौरान की होड़ के बजाय प्राइस करेक्शन का इंतजार करना निवेशकों के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित होता है।
