Ola Electric के निवेशकों के लिए बुरी खबर है। Goldman Sachs द्वारा रेटिंग घटाकर 'Sell' करने और टारगेट प्राइस **₹23** तय करने के बाद कंपनी का शेयर **7%** से ज्यादा गिरकर 6 महीने के निचले स्तर पर आ गया है।
भारी गिरावट की वजह
शुक्रवार, 23 अक्टूबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर Ola Electric के शेयरों में बड़ी बिकवाली देखने को मिली। ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस Goldman Sachs ने स्टॉक की रेटिंग को 'Neutral' से घटाकर 'Sell' कर दिया है। ब्रोकरेज ने इसका टारगेट प्राइस ₹23 रखा है, जो मौजूदा बाजार भाव से काफी नीचे है।
फाइनेंशियल संकट और चुनौतियां
ब्रोकरेज ने कंपनी के कैश फ्लो और ऑपरेटिंग लॉस को लेकर गंभीर चिंता जताई है। रिपोर्ट के अनुसार, FY24 से FY26 के बीच रेवेन्यू में 55% की बड़ी गिरावट देखी गई है। इन आंकड़ों के आधार पर, ब्रोकरेज ने अगले तीन सालों (FY27-FY29) के रेवेन्यू अनुमानों को भी 10% तक घटा दिया है। जानकारों का मानना है कि कंपनी के लिए बढ़ते खर्चों और इंटरेस्ट को मैनेज करना एक कठिन टास्क साबित हो रहा है।
सेल्स स्ट्रेटेजी और मैनेजमेंट में बदलाव
कंपनी के भीतर भी काफी हलचल है। बैटरी-सेल डिवीजन के बिजनेस हेड के इस्तीफे और सेल्स मॉडल में बदलाव—सीधे ग्राहकों (D2C) से डीलर-लेड मॉडल की ओर शिफ्ट होना—ब्रोकरेज की नजर में अनिश्चितता पैदा कर रहा है। यह बदलाव भले ही सर्विस सुधारने के लिए हो, लेकिन इसके नतीजे अभी स्पष्ट नहीं हैं।
राइट्स इश्यू पर नजर
इन सब के बीच, Ola Electric ₹1,000 करोड़ जुटाने के लिए राइट्स इश्यू लेकर आई है, जिसका प्राइस ₹27 प्रति शेयर तय किया गया है। यह इश्यू 30 अक्टूबर तक खुला है। कंपनी इस वक्त TVS Motor और Bajaj Auto जैसी बड़ी कंपनियों के साथ कड़े मुकाबले में है। अब निवेशकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी का नया डीलर नेटवर्क और फाइनेंशियल प्लानिंग इस संकट से उन्हें उबार पाएगी या नहीं।
