ONGC पर एक 'स्मार्ट' दांव: क्या है एक्सपर्ट की सलाह?
स्टॉक मार्केट में कमाई के कई रास्ते हैं, और ऑप्शंस ट्रेडिंग (Options Trading) उनमें से एक है। ONGC के शेयर को लेकर एक खास 'Bull Call Spread' स्ट्रैटेजी की सलाह दी जा रही है। यह स्ट्रैटेजी तब अपनाई जाती है जब निवेशक को लगता है कि शेयर की कीमत थोड़ी बढ़ने वाली है, लेकिन बहुत ज्यादा नहीं।
क्या है इस स्ट्रैटेजी का गणित?
इस स्ट्रैटेजी में, ₹285 स्ट्राइक प्राइस वाले कॉल ऑप्शन (Call Option) खरीदे जाते हैं और ₹300 स्ट्राइक प्राइस वाले कॉल ऑप्शन बेचे जाते हैं। यह सौदा मार्च एक्सपायरी (March Expiry) के लिए है। नेट में, एक शेयर पर ₹4 का भुगतान करना होगा, जो कि एक स्टैंडर्ड लॉट (2,250 शेयर) के लिए ₹9,000 बनता है।
शेयर की मौजूदा कीमत ₹287.50 के आसपास है। इस स्ट्रैटेजी का ब्रेकइवन पॉइंट (Breakeven Point) ₹289 है। इसका मतलब है कि ONGC को एक्सपायरी तक कम से कम ₹289 तक पहुंचना होगा, ताकि आपकी लागत निकल सके। यदि ONGC एक्सपायरी पर ₹300 या उससे ऊपर बंद होता है, तो आपको अधिकतम ₹24,750 का मुनाफा हो सकता है।
इस ट्रेड के लिए लगभग ₹22,000 का मार्जिन (Margin) भी चाहिए, जो कि संभावित मुनाफे के मुकाबले काफी ज्यादा लग सकता है। यह दिखाता है कि इस स्ट्रैटेजी में एक सीमित अपसाइड (Limited Upside) यानी मुनाफे की एक ऊपरी सीमा है।
ONGC की वैल्यूएशन और सेक्टर का हाल
ONGC का P/E रेश्यो (P/E Ratio) फिलहाल 12.5x है और इसकी मार्केट कैप (Market Cap) ₹2.5 ट्रिलियन है। यह रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) जैसी कंपनियों से थोड़ी सस्ती है, जिनका P/E 25x है, लेकिन कोल इंडिया (Coal India) जैसी कंपनियों से महंगी है, जिनका P/E 8x है।
फिलहाल कच्चे तेल की कीमतें $82 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, जो ग्लोबल सप्लाई और डिमांड के चलते थोड़ी वोलेटाइल (Volatile) हैं। ऐसे में ONGC जैसी अपस्ट्रीम एनर्जी कंपनियों को फायदा हो सकता है, खासकर अगर कीमतें बढ़ती हैं। पिछले साल मार्च में भी ONGC के शेयर में कुछ ऐसी ही पैटर्न के बाद लगभग 5% की तेजी देखी गई थी।
रिस्क और कमाई की क्षमता
यह 'Bull Call Spread' स्ट्रैटेजी रिस्क को सीमित करती है, लेकिन मुनाफे को भी कैप (Cap) कर देती है। ₹24,750 का अधिकतम मुनाफा तब मिलेगा जब शेयर ₹300 के स्तर को पार करेगा, लेकिन उसके बाद और कमाई नहीं होगी।
₹9,000 की लागत और ₹22,000 के मार्जिन पर ₹24,750 का मुनाफा, रिटर्न ऑन कैपिटल (Return on Capital) के हिसाब से बहुत ज्यादा नहीं लगता। कुछ विश्लेषकों (Analysts) का मानना है कि अगर आपको बड़ी तेजी की उम्मीद है, तो सीधे शेयर खरीदना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
हालांकि, ONGC की तरफ से कोई बड़ी रेगुलेटरी (Regulatory) या मैनेजमेंट से जुड़ी दिक्कतें फिलहाल नहीं दिख रही हैं। लेकिन, कंपनी के एक्सप्लोरेशन (Exploration) में निवेश की रफ्तार और रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) की ओर धीमे कदम बढ़ाने पर चिंताएं बनी हुई हैं।
आगे क्या?
फिलहाल, एनालिस्ट्स (Analysts) ONGC के लिए ₹305 से ₹315 का टारगेट प्राइस (Target Price) दे रहे हैं। इसका मतलब है कि मौजूदा ₹287.50 के स्तर से बहुत ज्यादा उछाल की उम्मीद नहीं है, लेकिन शेयर स्थिर रह सकता है।
यह स्ट्रैटेजी तभी फायदेमंद होगी जब ONGC शेयर की कीमत ₹289 से ऊपर रहे और ₹300 के स्तर पर या उसके करीब बंद हो। निवेशकों को इस स्ट्रैटेजी के रिस्क-रिवॉर्ड (Risk-Reward) को अच्छी तरह समझकर ही फैसला लेना चाहिए।