Nuvama Institutional Equities ने Tata Power के शेयर को 'Hold' से अपग्रेड कर 'Buy' रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस **₹421** तय किया है।
बीते कुछ समय में Tata Power के शेयर में लगभग 8% की गिरावट देखी गई थी, जिसके बाद Nuvama Institutional Equities ने इसे एक अच्छा बाइंग मौका मानते हुए अपनी राय बदली है। यह गिरावट मुख्य रूप से Kleros आर्बिट्रेशन केस में कंपनी के खिलाफ आए फैसले के कारण थी। ब्रोकरेज का मानना है कि अब कानूनी अनिश्चितता का असर शेयर भाव में पूरी तरह से एडजस्ट हो चुका है।
कानूनी पेंच और मार्केट का रुख
मार्केट को चिंता इस बात की है कि यदि कंपनी यह केस हारती है, तो उसे लगभग US$640 मिलियन यानी करीब ₹5,300 करोड़ का भुगतान करना पड़ सकता है। हालांकि, कंपनी ने सिंगापुर कोर्ट ऑफ अपील में चुनौती देने का मन बना लिया है, लेकिन Nuvama का मानना है कि सबसे बुरा दौर अब बीत चुका है, जो इसे लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए आकर्षक बनाता है।
ग्रोथ इंजन: PSP और ट्रांसमिशन
ब्रोकरेज ने कंपनी के 2.8 GW के पंप्ड स्टोरेज पावर (PSP) पोर्टफोलियो पर भरोसा जताया है, जो ग्रिड स्टेबिलिटी के लिए अहम है। इसके अलावा, कंपनी का ट्रांसमिशन बिजनेस भी मजबूत है, जिसका ऑर्डर बुक ₹125 बिलियन का है। टाटा पावर अब सोलर मैन्युफैक्चरिंग में भी इगॉट्स और वेफर्स के जरिए वर्टिकल इंटीग्रेशन पर काम कर रही है, जो भविष्य में मुनाफे को बढ़ाने में मदद करेगा।
रिस्क और सावधानी
सब कुछ ठीक रहने के बावजूद, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि कानूनी लड़ाई अभी जारी है। अगर फैसले का असर कंपनी की बैलेंस शीट पर पड़ता है, तो कर्ज का स्तर और प्रॉफिटेबिलिटी प्रभावित हो सकती है। इसके साथ ही, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में एग्जीक्यूशन रिस्क और फंडिंग की चुनौती भी कंपनी के सामने बनी हुई है।
