Nuvama Institutional Equities ने Reliance Industries पर अपना 'Buy' रेटिंग बरकरार रखा है और शेयर के लिए ₹1,765 का लक्ष्य तय किया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कंपनी के लिए न्यू एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कंज्यूमर गुड्स जैसे नए सेक्टर्स भविष्य में ग्रोथ के बड़े इंजन साबित होंगे।
Nuvama को RIL में दिख रही है लंबी अवधि की ग्रोथ
Nuvama Institutional Equities ने Reliance Industries Ltd (RIL) पर अपना 'Buy' रेटिंग बनाए रखा है और प्रति शेयर ₹1,765 का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी अब पारंपरिक ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिजनेस पर निर्भरता कम करके नए टेक्नोलॉजी और ग्रीन फ्यूल सेक्टर्स में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।
न्यू एनर्जी और AI पर फोकस
RIL के न्यू एनर्जी बिजनेस में हो रही प्रगति ब्रोकरेज के भरोसे का एक अहम कारण है। कंपनी जामनगर में धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स में बड़ा निवेश कर रही है। इस 5,000 एकड़ के प्रोजेक्ट में सोलर मॉड्यूल, बैटरी और इलेक्ट्रोलाइजर बनाने की फैकल्टीज़ शामिल हैं।
हाल ही में, RIL ने Samsung C&T के साथ $3 बिलियन का ग्रीन अमोनिया सप्लाई एग्रीमेंट किया है। इसके अलावा, कंपनी की बैटरी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाकर सालाना 120 GWh करने की योजना है, जिससे फाइनेंशियल ईयर 2027 से कमाई में बढ़ोतरी की उम्मीद है। AI और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर्स भी कंपनी के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
जियो IPO से वैल्यू अनलॉक की उम्मीद
डिजिटल सर्विसेज आर्म, Jio Platforms Ltd द्वारा 19 जून, 2026 को SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल करना भी RIL के वैल्यूएशन के लिए एक बड़ा पॉजिटिव फैक्टर है। मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि इस कदम से Reliance Industries के शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉक होने की उम्मीद है। हालांकि, ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट के चलते शेयरधारकों को तत्काल बड़ा फायदा शायद न मिले।
रिस्क फैक्टर और आगे क्या देखें?
Nuvama द्वारा तय किया गया ₹1,765 का टारगेट प्राइस, शेयर के मौजूदा भाव (लगभग ₹1,309 के आसपास) से काफी ऊपर है। लेकिन, निवेशकों को कुछ जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए। ग्रीन हाइड्रोजन, बैटरी स्टोरेज और AI डेटा सेंटर्स जैसे प्रोजेक्ट्स में बड़ा कैपिटल इन्वेस्टमेंट लगता है और इनके तैयार होने में समय लगता है। इन प्रोजेक्ट्स में देरी या ग्रीन फ्यूल मार्केट की धीमी मांग कंपनी के मार्जिन पर दबाव डाल सकती है।
इसके अलावा, Reliance Consumer Products Ltd (RCPL) का FY30 तक ₹1 लाख करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन रिटेल सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा और आर्थिक दबाव का असर भी दिख सकता है।
निवेशकों को इन बातों पर नजर रखनी चाहिए:
- प्रोजेक्ट्स की शुरुआत: जामनगर में सोलर और बैटरी गीगाफैक्ट्रीज़ के चालू होने की तारीखें।
- जियो IPO अपडेट: DRHP फाइलिंग के बाद IPO की टाइमलाइन और अन्य डिटेल्स।
- नई एनर्जी का असर: FY27 तक कंपनी की कमाई पर न्यू एनर्जी और AI वेंचर्स का कितना असर पड़ता है।
- पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट्स: FY27 तक पूरे होने वाले पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट्स की प्रगति।
