Nuvama Securities ने Vedanta Aluminium पर कवरेज शुरू करते हुए ₹540 का प्राइस टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी क्षमता विस्तार और उत्पादन लागत में कमी के जरिए ग्रोथ हासिल कर सकती है।
Nuvama का भरोसा: Vedanta Aluminium पर 'Buy' कॉल
Nuvama Securities ने Vedanta Aluminium Metal, जो कि Vedanta की डी-मर्ज की गई इकाई है, पर अपनी कवरेज शुरू कर दी है। ब्रोकरेज ने इस स्टॉक के लिए ₹540 का लक्ष्य (Target Price) तय किया है। Nuvama को उम्मीद है कि कंपनी अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाकर और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार करके अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगी।
उत्पादन बढ़ाने की तैयारी: 2.8 मिलियन टन का लक्ष्य
Vedanta Aluminium अपनी उत्पादन क्षमता को वित्तीय वर्ष 2027 के अंत तक बढ़ाकर 2.8 मिलियन टन प्रति वर्ष करने पर काम कर रही है। इस ग्रोथ का एक बड़ा हिस्सा सहायक कंपनी BALCO में 435 किलोटन प्रति वर्ष की नई परियोजना से आएगा, जो जल्द ही चालू होने वाली है। इसके अलावा, कंपनी तकनीकी सुधारों का उपयोग करके वित्तीय वर्ष 2028 तक अपनी क्षमता को 3 मिलियन टन तक ले जाने की योजना बना रही है। इन प्रयासों से वित्तीय वर्ष 2026 से 2028 के बीच प्रोडक्शन में 8% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल होने की उम्मीद है, जिससे कंपनी घरेलू एल्युमिनियम बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकती है।
कम लागत और कर्ज में कमी का प्लान
कंपनी की रणनीति का एक अहम हिस्सा हॉट मेटल के उत्पादन की लागत को कम करना है। Nuvama का अनुमान है कि वित्तीय वर्ष 2022-26 के दौरान औसतन $1,914 प्रति टन रहने वाली यह लागत वित्तीय वर्ष 2028 तक $1,600 प्रति टन से कम हो जाएगी। कंपनी इसे हासिल करने के लिए एल्यूमिना, कोयला और बॉक्साइट जैसे प्रमुख कच्चे माल की सप्लाई को सिजिमाली (Sijimali) माइन से बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।
अगर यह योजना सफल होती है, तो लागत में बचत और उत्पादन में वृद्धि से कंपनी के मुनाफे में इजाफा हो सकता है। कंपनी की अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्सेस, डेप्रिसिएशन एंड अमॉर्टाइजेशन (EBITDA)—जो ऑपरेशनल प्रॉफिट का एक पैमाना है—वित्तीय वर्ष 2028 तक बढ़कर ₹41,900 करोड़ होने का अनुमान है। यह अपेक्षित कैश जनरेशन कंपनी के नेट डेट को वित्तीय वर्ष 2026 के अनुमानित ₹37,500 करोड़ से घटाकर वित्तीय वर्ष 2028 तक ₹3,400 करोड़ करने के लक्ष्य से भी जुड़ा हुआ है।
जोखिम और निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
जहां एक ओर कंपनी के विकास और कर्ज में कमी की उम्मीदें मजबूत हैं, वहीं निवेशकों को कमोडिटी सेक्टर से जुड़े जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए। एल्युमिनियम की कीमतों पर ग्लोबल सप्लाई और डिमांड का बड़ा असर पड़ता है, जो अस्थिर हो सकते हैं और कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, कंपनी का कर्ज कम करने का लक्ष्य उसके विस्तार प्रोजेक्ट्स के सफल और समय पर चालू होने तथा नई कैप्टिव खदानों के सुचारू संचालन पर निर्भर करेगा। इन संपत्तियों को चालू करने में किसी भी तरह की देरी या ऑपरेशनल लागत में अप्रत्याशित वृद्धि कंपनी की बैलेंस शीट पर दबाव डाल सकती है। निवेशकों को कंपनी के तिमाही नतीजों और सिजिमाली माइन की स्थिति व BALCO विस्तार के चालू होने की समय-सीमा पर प्रबंधन की टिप्पणियों पर नजर रखनी चाहिए।
