ब्रोकरेज फर्म Nomura ने EPL Limited के लिए अपना प्राइस टारगेट बढ़ाकर ₹325 कर दिया है। कंपनी ने Q1 FY27 में दमदार परफॉरमेंस दिखाते हुए रेवेन्यू में **25.3%** की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ दर्ज की है। Beauty and Cosmetics सेगमेंट का विस्तार बिक्री बढ़ा रहा है, लेकिन निवेशकों को कमोडिटी कीमतों की अस्थिरता और बड़े शेयरधारकों द्वारा हिस्सेदारी बिक्री जैसे जोखिमों पर नज़र रखनी चाहिए।
Nomura का भरोसा बढ़ा, टारगेट ₹325
ब्रोकरेज फर्म Nomura ने EPL Limited के शेयर पर अपना भरोसा जताया है। उन्होंने कंपनी के लिए प्राइस टारगेट को ₹300 से बढ़ाकर ₹325 कर दिया है। यह अपग्रेड कंपनी के Q1 FY27 के शानदार नतीजों के बाद आया है। Nomura ने बताया कि इस पैकेजिंग कंपनी ने पहली तिमाही में बाजार की उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए ₹13,879 मिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 25.3% ज्यादा है। इस ग्रोथ का मुख्य कारण ग्लोबल मार्केट्स में लगातार मांग और Beauty & Cosmetics (B&C) सेगमेंट का तेजी से आगे बढ़ना रहा है।
ऑपरेशनल ग्रोथ और सेगमेंट का कमाल
कंपनी के B&C कैटेगरी में फोकस का असर अब साफ दिख रहा है। यह सेगमेंट अब कंपनी की कुल बिक्री का 54% हिस्सा है, जो पिछले सालों के मुकाबले एक बड़ा बदलाव है। इसने कंपनी को ट्रेडिशनल कैटेगरी पर निर्भरता कम करने में मदद की है। Nomura के अनुसार, कच्चे माल की कीमतों के दबाव के बावजूद, कंपनी ने तिमाही में 19.6% का EBITDA मार्जिन बनाए रखा। हालांकि, टैक्स रेट के सामान्य होने के कारण नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 1.4% की मामूली गिरावट आई और यह ₹986 मिलियन रहा, लेकिन यह कंपनी के मुख्य बिजनेस के प्रदर्शन में गिरावट का संकेत नहीं है।
EPL थाईलैंड में ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट जैसे नए कैपेसिटी में निवेश कर रही है ताकि अपने ग्रोथ टारगेट को पूरा किया जा सके। मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान को 'हाई-टीन्स' तक बढ़ा दिया है, जो लगातार मांग के प्रति आत्मविश्वास दिखाता है। कंपनी कच्चे माल, शिपिंग और करेंसी में बढ़ी लागतों को ग्राहकों पर डालने में सफल रही है। ब्रोकरेज का मानना है कि यह स्ट्रैटेजी कंपनी के बिजनेस मॉडल को ग्लोबल मार्केट की अस्थिरता के प्रति और अधिक लचीला बनाती है।
जोखिम और जिन पर रखनी है नज़र
हालांकि ग्रोथ की कहानी मजबूत दिख रही है, निवेशकों को कुछ जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए। भू-राजनीतिक तनावों के कारण इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी एक संभावित चुनौती बन सकती है, जो मार्जिन को प्रभावित कर सकती है यदि कंपनी पूरी लागत वृद्धि ग्राहकों पर नहीं डाल पाती है। इसके अलावा, एक प्रमुख शेयरधारक Epsilon Bidco द्वारा हिस्सेदारी की बिक्री का एक संभावित ओवरहैंग भी बाजार में है। निवेशकों को वर्किंग कैपिटल की जरूरतों में होने वाले बदलावों पर भी नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि यह अल्पकालिक लिक्विडिटी को प्रभावित कर सकता है।
उच्च-मूल्य वाले उत्पाद और रीसाइक्लेबल पैकेजिंग पर कंपनी का फोकस इसकी लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी का अहम हिस्सा है। भविष्य में, निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी अपनी कैपिटल एक्सपेंडिचर योजनाओं को कैसे लागू करती है और प्रबंधन टीम वैश्विक सप्लाई चेन की बाधाओं और कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच लाभ मार्जिन को कितनी सफलतापूर्वक बनाए रख पाती है।
