ब्रोकरेज फर्म Nomura ने भारतीय स्टील सेक्टर पर अपना भरोसा कायम रखा है। घरेलू बाजार में बढ़ती मांग और रीबार (Rebar) की कीमतों में तेजी के चलते ब्रोकरेज ने Tata Steel, JSW Steel और Jindal Steel पर अपनी 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है।
डिमांड और प्राइसिंग में सुधार
Nomura का मानना है कि भारतीय स्टील कंपनियां 2027 फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही के लिए बेहतर स्थिति में हैं। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह 'लॉन्ग स्टील' प्रोडक्ट्स, खासकर रीबार की बढ़ती मांग है। जहां हॉट रोल्ड कॉइल (HRC) की कीमतें लगभग ₹63,800 प्रति टन पर स्थिर हैं, वहीं रीबार की कीमतों में 25 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में ₹1,650 प्रति टन का उछाल आया है, जिससे इसकी कीमत ₹62,100 प्रति टन तक पहुंच गई है।
मार्जिन का गणित और लागत पर लगाम
ग्लोबल मार्केट की हलचल के बावजूद भारतीय स्टील मेकर्स अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखने में कामयाब रहे हैं। वर्तमान में HRC के लिए स्पॉट मार्जिन लगभग ₹37,540 प्रति टन है। इस स्थिरता का बड़ा श्रेय कच्चे माल की कंट्रोल लागत को जाता है। आयरन ओर की कीमतें $91 प्रति टन पर स्थिर हैं, जबकि इम्पोर्टेड कोकिंग कोल की कीमतें घटकर $276 प्रति टन हो गई हैं।
इंपोर्ट का रिस्क और निवेशकों के लिए अलर्ट
हालांकि घरेलू डिमांड सकारात्मक है, लेकिन निवेशकों को ट्रेड डेटा पर नजर रखनी होगी। भारत फिलहाल स्टील का नेट इम्पोर्टर बना हुआ है। अगस्त में स्टील का इम्पोर्ट 8% बढ़कर 0.72 मिलियन टन तक पहुंच गया है। यदि भारतीय कंपनियां कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ाती हैं, तो सस्ता विदेशी स्टील भारतीय बाजार में जगह बना सकता है, जो आने वाले समय में घरेलू मार्जिन पर दबाव डाल सकता है।
