इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में सितंबर के दौरान निवेश **7%** बढ़कर **₹386 अरब** तक पहुंचने का अनुमान है। इस बढ़त में स्मॉल-कैप फंड्स सबसे आगे हैं, जबकि नोमुरा ने Nippon Life India AMC और HDFC AMC को अपनी रडार पर रखा है।
सितंबर महीने में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश का रुझान तेजी की ओर है। आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने कुल इनफ्लो ₹386 अरब रहने की उम्मीद है, जो पिछले महीने के ₹359 अरब के मुकाबले 7% अधिक है। यह आंकड़े दिखाते हैं कि ग्लोबल दबाव के बावजूद भारतीय निवेशकों का मार्केट के प्रति भरोसा बना हुआ है।
स्मॉल-कैप का जलवा
निवेश के इस उछाल में सबसे बड़ा हाथ स्मॉल-कैप फंड्स का है, जिन्होंने अकेले ₹86 अरब का योगदान दिया है। वहीं, मिड-कैप और फ्लेक्सी-कैप सेगमेंट में भी निवेशकों की दिलचस्पी बरकरार है, जहां क्रमशः ₹81 अरब और ₹63 अरब का निवेश हुआ है। राहत की बात यह है कि लार्ज-कैप फंड्स, जो पिछले महीने ₹11 अरब के नेट आउटफ्लो में थे, वे इस बार ₹8 अरब के नेट इनफ्लो के साथ वापसी कर रहे हैं।
एसेट मैनेजमेंट कंपनियों का हाल
ब्रोकरेज हाउस Nomura की नजर दो बड़ी कंपनियों पर है:
- Nippon Life India AMC: कंपनी लगातार अपना मार्केट शेयर बढ़ा रही है। सितंबर में इसका फ्लो शेयर 7.8% रहने का अनुमान है, जो इसके कुल AUM शेयर 7.3% से ज्यादा है, जो इसकी मजबूत रिटेल पकड़ को दर्शाता है।
- HDFC AMC: कंपनी के वैल्यूएशन को लेकर सकारात्मक संकेत हैं। अगस्त के 6.7% के मुकाबले सितंबर में इनका फ्लो शेयर बढ़कर 7.8% हो गया है। हालांकि, हाइब्रिड पोर्टफोलियो में कुछ आउटफ्लो अभी भी कंपनी के कुल आंकड़ों पर दबाव बना रहे हैं।
मार्केट के लिए चुनौतियां
SIP के जरिए आ रहा पैसा बाजार को सहारा दे रहा है, लेकिन ग्लोबल स्तर पर बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, कच्चे तेल की अस्थिर कीमतें और करेंसी में उतार-चढ़ाव भारतीय बाजारों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। निवेशकों को सलाह है कि वे बाजार की इस चाल को ध्यान से देखें, क्योंकि ग्लोबल हेडविंड्स का असर आगे चलकर सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकता है।
